
रायपुर। रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कई बड़े और दूरगामी फैसले लिए गए। इनमें सबसे अहम निर्णय राज्य में Uniform Civil Code लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए इसके ड्राफ्ट के लिए उच्चस्तरीय समिति के गठन का है। सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में बनने वाली यह समिति नागरिकों, संगठनों और विशेषज्ञों से सुझाव लेकर एक व्यापक प्रारूप तैयार करेगी।
सरकार का मानना है कि अलग-अलग पर्सनल लॉ के कारण न्याय प्रक्रिया जटिल होती है, ऐसे में समान नागरिक संहिता लागू कर कानून को सरल, पारदर्शी और समान बनाया जा सकता है। प्रस्तावित समिति डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए भी जनता से सुझाव लेगी और तैयार ड्राफ्ट को विधिक प्रक्रिया के बाद विधानसभा में पेश किया जाएगा। यह पहल राज्य में सामाजिक और लैंगिक समानता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
कैबिनेट ने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से एक बड़ा निर्णय लेते हुए उनके नाम पर होने वाली जमीन रजिस्ट्री पर स्टाम्प शुल्क में 50 प्रतिशत तक की छूट देने का ऐलान किया है। हालांकि इससे सरकार को राजस्व में कमी होगी, लेकिन इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक मजबूत पहल के रूप में देखा जा रहा है। इसके साथ ही सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनकी विधवाओं को भी संपत्ति खरीद पर स्टाम्प ड्यूटी में 25 प्रतिशत तक की छूट देने का फैसला लिया गया है।
औद्योगिक विकास को गति देने के लिए राज्य सरकार ने औद्योगिक भूमि एवं भवन प्रबंधन नियमों में संशोधन को मंजूरी दी है। इस बदलाव से सेवा क्षेत्र को स्पष्ट पात्रता मिलेगी, भूमि आवंटन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी और PPP मॉडल के जरिए निजी निवेश को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही NBFC जैसी वित्तीय संस्थाओं को शामिल करने से उद्योगों के लिए वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता आसान होगी।
खनन क्षेत्र में पारदर्शिता और नियंत्रण बढ़ाने के लिए भी बड़े फैसले लिए गए हैं। रेत खदानों को अब सरकारी उपक्रमों के लिए आरक्षित किया जा सकेगा, जिससे आपूर्ति संकट कम होगा। वहीं, गौण खनिज नियमों में संशोधन कर अवैध खनन पर सख्त दंड का प्रावधान किया गया है, जिसमें भारी जुर्माने और खदानों के संचालन को लेकर कड़े नियम शामिल हैं।
इसके अलावा पशुपालन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए भी कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। दुधारू पशु योजना का विस्तार सभी वर्गों तक किया गया है और पशुओं के टीकाकरण के लिए National Dairy Development Board से जुड़ी एजेंसी के माध्यम से वैक्सीन खरीदी को मंजूरी दी गई है। वहीं, पेंशन दायित्वों के बंटवारे से जुड़े हजारों करोड़ के वित्तीय प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई, जिससे राज्य की वित्तीय स्थिति को संतुलित करने में मदद मिलेगी।




