
हापुड़। उत्तर प्रदेश के हापुड़ और आसपास के इलाकों में नकली पनीर का खतरनाक कारोबार तेजी से फैलता जा रहा है। खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच में सामने आया है कि छोटे कमरों, गोदामों और अवैध यूनिट्स में तैयार किया जा रहा मिलावटी पनीर अब सिर्फ स्थानीय बाजार तक सीमित नहीं है, बल्कि हाईवे ढाबों, बड़े होटलों और कैटरिंग नेटवर्क तक पहुंच चुका है। मेरठ में हाल ही में पकड़े गए बड़े फर्जी पनीर नेटवर्क के बाद हापुड़ कनेक्शन सामने आने से प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की चिंता और बढ़ गई है।
जांच एजेंसियों के अनुसार, नकली पनीर बनाने में इस्तेमाल होने वाले कई खतरनाक रसायनों और केमिकल्स की सप्लाई हापुड़ और अमरोहा क्षेत्र से की जा रही थी। शुरुआती जांच में पता चला है कि इस पनीर की खेप दिल्ली, पानीपत, कानपुर, बरेली समेत कई शहरों में भेजी जा रही थी। पिछले छह महीनों में खाद्य विभाग ने मिलावटी पनीर से भरे 29 बड़े वाहन पकड़े हैं, जिनमें से अधिकतर माल को स्वास्थ्य के लिए खतरनाक मानते हुए नष्ट कर दिया गया। अधिकारियों का कहना है कि यह नेटवर्क संगठित तरीके से काम कर रहा है और इसमें कई सप्लायर, डेयरी संचालक और बिचौलिए शामिल हो सकते हैं।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि नकली पनीर को असली जैसा दिखाने के लिए कई जहरीले और औद्योगिक केमिकल्स का इस्तेमाल किया जा रहा है। जांच में कास्टिक सोडा, हाईड्रोजन परआक्साइड, स्टार्च पावडर, रिफाइंड सोया ऑयल, विंगर एसिड और रानीपाल लिक्विड जैसे पदार्थों के उपयोग की पुष्टि हुई है। इन रसायनों की मदद से पनीर को ज्यादा सफेद, मुलायम, भारी और लंबे समय तक खराब न होने वाला बनाया जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह तैयार पनीर देखने में भले ताजा लगे, लेकिन यह शरीर के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि लंबे समय तक ऐसे मिलावटी पनीर का सेवन करने से लीवर और किडनी पर गंभीर असर पड़ सकता है। इसके अलावा फूड पॉइजनिंग, पेट संक्रमण, उल्टी-दस्त, पाचन संबंधी बीमारी और आंतों की दिक्कतें भी तेजी से बढ़ सकती हैं। डॉक्टरों के मुताबिक बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों के लिए यह नकली पनीर और अधिक घातक साबित हो सकता है। कई मामलों में लगातार मिलावटी खाद्य पदार्थ खाने से शरीर में धीमा जहर फैलने जैसी स्थिति भी बन सकती है।
खाद्य सुरक्षा विभाग अब हापुड़, अमरोहा और आसपास के इलाकों में संचालित डेयरियों, गोदामों और केमिकल सप्लायर्स के रिकॉर्ड खंगाल रहा है। कई संदिग्ध कारोबारियों को नोटिस जारी किए गए हैं और बड़े स्तर पर सैंपलिंग अभियान चलाने की तैयारी की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि नकली खाद्य पदार्थ बनाने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी और दोषियों पर खाद्य सुरक्षा कानून के तहत मुकदमे दर्ज किए जाएंगे।
विशेषज्ञों ने लोगों को भी सतर्क रहने की सलाह दी है। बाजार से पनीर खरीदते समय उसकी गुणवत्ता, गंध, रंग और बनावट पर ध्यान देने को कहा गया है। यदि पनीर जरूरत से ज्यादा सफेद, रबड़ जैसा या असामान्य रूप से सख्त लगे, तो उसका सेवन करने से बचना चाहिए। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध खाद्य सामग्री की सूचना तुरंत खाद्य सुरक्षा विभाग को दें, ताकि इस जहरीले कारोबार पर समय रहते रोक लगाई जा सके।