बिलासपुर : त्योहारों में मिठाइयों की बढ़ती मांग के बीच बाजार में लोगों की सेहत से खिलवाड़ का मामला सामने आया है। कहीं गंदगी के बीच बताशे तैयार किए जा रहे थे तो कहीं मिठाइयों को आकर्षक रंग देने के लिए ऐसे केमिकल का इस्तेमाल हो रहा था, जो खाने के लिए बना ही नहीं है। मिलावट और लापरवाही के इस खेल पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने शिकंजा कसते हुए शहर और आसपास के इलाकों में छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान 110 किलो बताशा और 22 किलो बूंदी मौके पर ही नष्ट करा दी गई। वहीं, बिना वैध पंजीयन संचालित बताशा निर्माण इकाई को तत्काल बंद करा दिया गया।

गंदगी के बीच बन रहे थे बताशे

खाद्य विभाग की संयुक्त टीम ने चांटीडीह के मेला पारा में वीर जायसवाल के बताशा निर्माण स्थल पर दबिश दी। यहां जांच के दौरान खाद्य सुरक्षा के बुनियादी नियमों की खुलेआम अनदेखी सामने आई। बताशे अस्वच्छ वातावरण और गंदगी के बीच तैयार किए जा रहे थे। हैरानी की बात यह रही कि निर्माण इकाई का जरूरी पंजीयन तक नहीं कराया गया था। अधिकारियों ने इसे जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा मानते हुए मौके पर मौजूद 110 किलो बताशे नष्ट करा दिए। साथ ही निर्माण कार्य तत्काल बंद करा दिया।

नॉन फूड ग्रेड कलर से तैयार 22 किलो बूंदी कराया नष्ट

कार्रवाई का दूसरा मामला चकरभाठा स्थित उधमदास खेमचंद मिठाई वाला प्रतिष्ठान में सामने आया। टीम ने यहां मिठाई बनाने के किचन का निरीक्षण किया तो बूंदी तैयार करने में नॉन फूड ग्रेड कलर यानी ऐसा रंग इस्तेमाल होता मिला, जो खाद्य पदार्थों में उपयोग के लिए मान्य नहीं है। मिठाई को आकर्षक दिखाने के लिए किया जा रहा यह प्रयोग उपभोक्ताओं की सेहत पर भारी पड़ सकता है। अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 22 किलो बूंदी मौके पर ही नष्ट करा दी।

पहले भी हो चुकी है कार्रवाई

खाद्य विभाग की टीम ने चिंगराजपारा स्थित एक अन्य बताशा निर्माण इकाई का भी निरीक्षण किया। हालांकि, मौके पर निर्माण कार्य बंद मिला। विभाग की कार्रवाई के दौरान अन्य संदिग्ध प्रतिष्ठानों से बेसन के लड्डू और बताशे के नमूने भी लिए गए हैं। इन्हें गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा मानकों की जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजा गया है। रिपोर्ट में गड़बड़ी की पुष्टि होने पर संबंधित कारोबारियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।

गौरतलब है कि खाद्य विभाग इससे पहले भी चांटीडीह और शनिचरी क्षेत्र की बताशा दुकानों में कार्रवाई कर चुका है। इसके बावजूद खाद्य कारोबार में लापरवाही के मामले लगातार सामने आ रहे हैं कार्रवाई में अभिहित अधिकारी आरआर देवांगन, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी खीरसागर पटेल तथा खाद्य सुरक्षा अधिकारी अविषा मरावी और प्रतीक तिवारी शामिल रहे।