रायपुर : छत्तीसगढ़ के गन्ना किसानों के लिए राज्य सरकार ने खजाने का मुंह खोल दिया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार ने गन्ने की खरीदी दर में 70 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी करते हुए इसे 355 रुपये से बढ़ाकर 425 रुपये कर दिया है। इतना ही नहीं, पेराई सत्र 2025-26 के लिए प्रदेश के चार सहकारी शक्कर कारखानों से जुड़े 31,022 किसानों को करीब 51.09 करोड़ रुपये का बोनस भी दिया जाएगा।

100 क्विंटल पर सीधे 7 हजार का फायदा

सरकार के इस फैसले का सबसे बड़ा फायदा उन किसानों को भी मिलेगा, जो चालू पेराई सत्र में पहले ही अपना गन्ना कारखानों को बेच चुके हैं। नई दर का लाभ उन्हें भी दिया जाएगा। यानी 100 क्विंटल गन्ना बेचने वाले किसान को पुरानी दर के मुकाबले 7 हजार रुपये अतिरिक्त मिलेंगे। गन्ने की आपूर्ति जितनी अधिक होगी, अतिरिक्त लाभ भी उसी अनुपात में बढ़ेगा।

किस कारखाने के कितने किसानों को मिलेगा बोनस

·         भोरमदेव शक्कर कारखाना, कवर्धा: 14,961 किसान, 24.55 करोड़ रुपये।

·         सरदार पटेल शक्कर कारखाना, पंडरिया: 8,049 किसान, 11.68 करोड़ रुपये।

·         महामाया शक्कर कारखाना, केरता: 7,250 किसान, 11.35 करोड़ रुपये।

·         दंतेश्वरी मैया शक्कर कारखाना, बालोद: 762 किसान, 3.52 करोड़ रुपये।

यूपी, हरियाणा और पंजाब से भी आगे छत्तीसगढ़

नई खरीदी दर 425 रुपये प्रति क्विंटल के साथ छत्तीसगढ़ का निर्धारित गन्ना मूल्य उत्तर प्रदेश के 400 रुपये, हरियाणा के 415 रुपये और पंजाब के 416 रुपये प्रति क्विंटल की उल्लिखित दरों से अधिक हो गया है। इससे प्रदेश के गन्ना किसानों को बेहतर मूल्य मिलने का रास्ता खुला है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किसानों की खुशहाली को राज्य की समृद्धि का आधार बताते हुए खेती को लाभकारी बनाने की प्रतिबद्धता जताई है। वहीं सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने बोनस वृद्धि को किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने वाला महत्वपूर्ण कदम बताया है।

सरकार के इस फैसले से किसानों को अतिरिक्त आमदनी मिलने के साथ खेती की लागत, खाद-बीज और अगली फसल की तैयारी में राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि इस फैसले की असली सफलता इस बात से तय होगी कि बोनस और बढ़ी हुई दर की राशि किसानों के खातों में कितनी जल्दी पहुंचती है।