
बिलासपुर : कोविड-19 महामारी के संकटकाल में अपनी जान जोखिम में डालकर स्वास्थ्य सेवाएं देने वाले अस्थायी स्वास्थ्यकर्मियों को छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने बड़ी राहत दी है । जस्टिस बीडी गुरु की सिंगल बेंच ने स्पष्ट किया है कि कोरोना महामारी के दौरान लगातार छह महीने तक सेवा देने वाले पात्र अस्थायी स्वास्थ्यकर्मी राज्य शासन की तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी की सरकारी भर्तियों में 10 बोनस अंकों के हकदार होंगे । कोर्ट ने सूरजपुर और कोरिया जिले के स्वास्थ्यकर्मियों की याचिका स्वीकार करते हुए सूरजपुर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) को निर्देश दिया है कि आवश्यक सत्यापन के बाद याचिकाकर्ताओं को 10 बोनस अंकों का प्रमाण पत्र तत्काल जारी किया जाए ।
प्रमाण पत्र नहीं मिलने से हो रहे थे वंचित
याचिकाकर्ता प्रमोद कुमार, राजेंद्र कुमार कुशवाहा और महेंद्र कुमार ने अधिवक्ता कौस्तुभ सिंह ठाकुर के माध्यम से हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी । याचिकाकर्ताओं ने बताया कि उन्होंने कोविड-19 महामारी के दौरान स्वास्थ्य विभाग में विभिन्न पदों पर अपनी सेवाएं दी थी । शासन के निर्देश के अनुसार वे बोनस अंकों के लिए पात्र थे, लेकिन उन्हें अब तक इसका अधिकृत प्रमाण पत्र जारी नहीं किया गया था । इस वजह से वे राज्य में होने वाली तृतीय और चतुर्थ श्रेणी की सरकारी भर्तियों में 10 बोनस अंकों का लाभ नहीं ले पा रहे थे ।
शासन के आदेशों का दिया हवाला
याचिकाकर्ताओं की ओर से लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग तथा स्वास्थ्य सेवाएं संचालनालय द्वारा जारी आदेशों का हवाला दिया गया । इन निर्देशों में कोविड महामारी के दौरान कम से कम छह महीने तक सेवा देने वाले पात्र अस्थायी स्वास्थ्यकर्मियों को राज्य शासन की तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी की सीधी भर्ती में 10 बोनस अंक देने का प्रावधान किया गया था । याचिकाकर्ताओं का कहना था कि जब शासन ने कोविडकाल में दी गई सेवाओं के लिए बोनस अंक देने का प्रावधान किया है, तो पात्र कर्मचारियों को इसका प्रमाण पत्र जारी किया जाना भी आवश्यक है ।
शासन ने रखा अलग तर्क
सुनवाई के दौरान राज्य शासन की ओर से तर्क दिया गया कि बोनस अंकों से संबंधित आदेश सामान्य दिशा-निर्देश के रूप में जारी किया गया है, साथ ही याचिकाकर्ता फिलहाल किसी विशेष भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने के लिए राहत की मांग नहीं कर रहे हैं । हालांकि, कोर्ट ने मामले में शासन के पूर्व निर्देशों और याचिकाकर्ताओं द्वारा कोविडकाल में दी गई सेवाओं को ध्यान में रखते हुए राहत प्रदान की ।
किसी भी तृतीय-चतुर्थ श्रेणी भर्ती में मिलेगा लाभ
हाई कोर्ट ने सीएमएचओ सूरजपुर को निर्देश दिया कि शासन के वर्ष 2021 और 2023 में जारी निर्देशों के अनुसार याचिकाकर्ताओं की सेवा अवधि का आवश्यक सत्यापन किया जाए और पात्र पाए जाने पर उन्हें 10 बोनस अंकों का प्रमाण पत्र जारी किया जाए । इस प्रमाण पत्र के आधार पर याचिकाकर्ता राज्य शासन की भविष्य में होने वाली तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी की भर्तियों में निर्धारित नियमों के अनुसार 10 बोनस अंकों का लाभ ले सकेंगे ।
हाई कोर्ट के इस आदेश से उन अस्थायी स्वास्थ्यकर्मियों के लिए भी उम्मीद जगी है, जिन्होंने कोरोना महामारी के कठिन दौर में स्वास्थ्य सेवाओं की जिम्मेदारी संभाली थी और शासन की प्रोत्साहन नीति के तहत मिलने वाले लाभ से अब तक वंचित थे ।