
नई दिल्ली: खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा सैन्य टकराव अब एक बेहद भयावह और अंतरराष्ट्रीय संकट में बदल गया है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बढ़ते भारी तनाव के बीच ईरानी नौसेना ने सोमवार रात संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के दो वाणिज्यिक तेल टैंकरों को निशाना बनाते हुए उन पर घातक क्रूज मिसाइलें दाग दी हैं। यूएई के रक्षा मंत्रालय द्वारा आज दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, ओमान के क्षेत्रीय जलक्षेत्र में हुए इस मिसाइल हमले में तेल टैंकर पर तैनात एक भारतीय नाविक की मौत हो गई है।
मोम्बासा और अल बहियाह टैंकरों को बनाया गया निशाना; घायलों में 6 भारतीय और 2 यूक्रेनी नागरिक शामिल
यूएई के विदेश मंत्रालय (MoFA) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर जारी एक विस्तृत बयान में बताया कि यह हमला ओमान के क्षेत्रीय जलक्षेत्र में स्थित स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के दक्षिणी मार्ग से गुजर रहे उनके दो प्रमुख तेल टैंकरों 'मोम्बासा' (Mombasa) और 'अल बहियाह' (Al Bahiyah) पर किया गया है। मिसाइलें टकराते ही जहाजों पर अफरा-तफरी मच गई है। इस हमले में मुख्य चालक दल के कुल 8 सदस्य गंभीर रूप से झुलस गए और घायल हुए हैं। घायलों में 6 भारतीय नागरिक और 2 यूक्रेनी नागरिक शामिल हैं। चिकित्सा अधिकारियों के मुताबिक, अस्पताल में भर्ती कराए गए घायलों में से 4 नाविकों की हालत बेहद चिंताजनक और नाजुक बनी हुई है।
यूएई ने की हमले की कड़े शब्दों में निंदा, बताया संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव का खुला उल्लंघन
इस सैन्य कार्रवाई पर संयुक्त अरब अमीरात के रक्षा और विदेश मंत्रालय ने बेहद सख्त रुख अपनाते हुए हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है। यूएई ने भारत सरकार और भारतीय जनता के प्रति इस हादसे पर गहरी संवेदना व्यक्त की है। यूएई ने अपने बयान में साफ तौर पर कहा कि यह हमला संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के प्रस्ताव 2817 का खुला और घोर उल्लंघन है। मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वे इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए तुरंत दखल दें। यूएई ने यह भी चेतावनी दी है कि वह इस बर्बर हमले का माकूल जवाब देने का पूरा अधिकार सुरक्षित रखता है और अपने नागरिकों व राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगा।
जहाजों को केवल चेतावनी देने का था इरादा; ईरान का दावा
दूसरी ओर, ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी 'तस्नीम' और सरकारी प्रसारक 'आईआईआरबी' (IRIB) ने एक सैन्य अधिकारी के हवाले से इस हमले पर ईरान का पक्ष रखा है। ईरान ने दावा किया है कि ये दोनों जहाज कथित तौर पर अवैध रूप से इस रणनीतिक समुद्री मार्ग से गुजर रहे थे और ईरानी नौसैनिक नियमों का उल्लंघन कर रहे थे। ईरान का कहना है कि उनके इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने जहाजों को रोकने और चेतावनी देने के उद्देश्य से ही केवल फायरिंग और मिसाइल कार्रवाई की थी, न कि उन्हें नष्ट करने के लिए।