रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित CGPSC घोटाला मामले के विचाराधीन बंदी टामन सिंह सोनवानी को अस्पताल में कथित तौर पर नियमों से इतर सुविधाएं दिए जाने के मामले में जेल प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। मेकाहारा अस्पताल में सोनवानी के बिना हथकड़ी अपनी पत्नी और एक अन्य व्यक्ति से मुलाकात करने का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद जेल विभाग में हड़कंप मच गया।

मामले की प्रारंभिक जांच में ड्यूटी पर तैनात तीन जेल प्रहरियों को कर्तव्य में गंभीर लापरवाही का जिम्मेदार माना गया है। इनमें से बलौदाबाजार जिला जेल के प्रहरी संदीप कुमार महेश्वरी को 29 सितंबर 2026 से सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। वहीं दो अन्य प्रहरियों के खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है।

मेकाहारा में इलाज के दौरान टूटा सुरक्षा प्रोटोकॉल?
जानकारी के मुताबिक, टामन सोनवानी को स्वास्थ्य संबंधी कारणों के चलते रायपुर के मेकाहारा अस्पताल के कार्डियोलॉजी विभाग में उपचार के लिए ले जाया गया था। विचाराधीन बंदी होने के कारण उसकी सुरक्षा को लेकर ड्यूटी पर तैनात प्रहरियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे।

निर्देशों के मुताबिक बंदी को सुरक्षा व्यवस्था के तहत हथकड़ी में रखा जाना था, परिजनों या अन्य लोगों से मुलाकात नहीं कराई जानी थी और उसे किसी भी परिस्थिति में सुरक्षाकर्मियों की निगरानी से अलग नहीं छोड़ा जाना था. लेकिन सामने आए घटनाक्रम ने इन निर्देशों के पालन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।

बिना हथकड़ी पत्नी से मुलाकात का वीडियो वायरल
अस्पताल में इलाज के दौरान सोनवानी का बिना हथकड़ी अपनी पत्नी और एक अन्य व्यक्ति से मुलाकात करते हुए वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म YouTube और Instagram पर वायरल हुआ।

वीडियो सामने आने के बाद जेल प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया और प्रारंभिक जांच के निर्देश दिए। उप जेल अधीक्षक एम.एन. प्रधान को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई।

जांच में तीन प्रहरी जिम्मेदार
जांच रिपोर्ट के मुताबिक, ड्यूटी पर तैनात संदीप कुमार महेश्वरी, नागेन्द्र कुमार महतो और पवन कुमार लहरे ने अपने कर्तव्यों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही बरती।

जांच में सामने आए निष्कर्षों के आधार पर तीनों के खिलाफ कार्रवाई की गई।

  • संदीप कुमार महेश्वरी — जिला जेल बलौदाबाजार, सेवा से पदच्युत
  • नागेन्द्र कुमार महतो — जिला जेल दंतेवाड़ा, विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई
  • पवन कुमार लहरे — जिला जेल रायगढ़, विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई

29 सितंबर से बर्खास्त हुआ प्रहरी
केंद्रीय जेल रायपुर के जेल अधीक्षक की ओर से जारी आदेश के अनुसार, संदीप कुमार महेश्वरी को जेल नियमों के उल्लंघन और गंभीर कदाचार के आधार पर 29 सितंबर 2026 से सेवा से पदच्युत कर दिया गया है।

आदेश में विभागीय अनुशासन और जेल जैसी संवेदनशील शासकीय सेवा में जिम्मेदारी की गंभीरता का उल्लेख करते हुए कड़ी कार्रवाई की गई है।

अब जेल सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
इस पूरे मामले ने जेल से अस्पताल ले जाए जाने वाले विचाराधीन बंदियों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल यह भी है कि जब बंदी की सुरक्षा के लिए स्पष्ट निर्देश मौजूद थे, तो अस्पताल में उन नियमों का पालन आखिर क्यों नहीं हुआ?

फिलहाल, विभाग ने जिम्मेदार कर्मचारियों पर कार्रवाई कर दी है, लेकिन वायरल वीडियो ने जेल प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर एक बड़ा सवाल जरूर खड़ा कर दिया है।