जगदलपुर। शहर में बाल श्रम के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई में आठ नाबालिग बालिकाओं को निर्माण स्थल से मुक्त कराया गया है। मामला शहर के सिटी ग्राउंड के सामने हाउसिंग बोर्ड की निर्माणाधीन बहुमंजिला इमारत का है, जहां शनिवार देर शाम संयुक्त टीम ने औचक कार्रवाई की। सूचना मिलने के बाद जिला पुलिस, श्रम विभाग और चाइल्ड लाइन की टीम मौके पर पहुंची और जांच के दौरान नाबालिगों को निर्माण कार्य में लगाए जाने की पुष्टि होने पर उन्हें वहां से रेस्क्यू किया।

मुखबिर की सूचना पर पहुंची टीम, निर्माण स्थल पर मचा हड़कंप
बताया गया कि प्रशासन को निर्माण स्थल पर नाबालिगों से मजदूरी कराए जाने की सूचना मिली थी। इसके बाद मानव तस्करी निरोधक इकाई के जिला नोडल अधिकारी एवं उप पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में संयुक्त टास्क फोर्स ने मौके पर पहुंचकर जांच की। टीम ने जब निर्माणाधीन परिसर का निरीक्षण किया तो वहां आठ नाबालिग बालिकाएं जोखिम भरे निर्माण कार्य में लगी मिलीं। शुरुआती पूछताछ में सभी के बस्तर जिले की निवासी होने की जानकारी सामने आई है। उनकी उम्र और अन्य विवरणों का संबंधित प्रक्रिया के तहत सत्यापन किया जा रहा है।

काम से हटाकर चाइल्ड लाइन को सौंपा
कार्रवाई के दौरान टीम ने सभी बालिकाओं को तत्काल निर्माण स्थल से बाहर निकाला। इसके बाद उन्हें निर्धारित बाल संरक्षण प्रक्रिया के तहत चाइल्ड लाइन के समक्ष प्रस्तुत किया गया। अधिकारियों के मुताबिक, अब बालिकाओं की सुरक्षा, परिवार से संपर्क और पुनर्वास से जुड़ी आगे की कार्रवाई नियमानुसार की जाएगी। प्रशासन का फोकस यह सुनिश्चित करने पर है कि रेस्क्यू की गई बच्चियों को दोबारा ऐसे जोखिमपूर्ण काम में न लगाया जाए और उन्हें आवश्यक संरक्षण एवं सहायता उपलब्ध हो।

ठेकेदार और निर्माण एजेंसी पर कार्रवाई की तैयारी
मामले में अब जांच का अगला चरण निर्माण स्थल पर नाबालिगों को काम पर लगाने वाले जिम्मेदार लोगों की पहचान करना है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच में बाल श्रम कराने की पुष्टि होती है तो संबंधित ठेकेदार और निर्माण एजेंसी के खिलाफ बाल श्रम निषेध कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। निर्माण स्थलों पर नाबालिगों से काम कराने के मामलों को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने ऐसे स्थानों की निगरानी बढ़ाने के संकेत दिए हैं। शनिवार की कार्रवाई के बाद अब जिम्मेदार लोगों पर होने वाली कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।