
रायपुर.छत्तीसगढ़ की सियासत में झीरम घाटी नक्सली हमले का मुद्दा फिर उफान पर है। NIA की विशेष अदालत द्वारा मामले की सुनवाई पूरी करने और आदेश सुनाने के बाद, भाजपा नेता नरेश चंद्र गुप्ता ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को कटघरे में खड़ा किया है। नरेश चंद्र ने सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखकर कांग्रेस पार्टी और बघेल पर साक्ष्य छिपाने का गंभीर आरोप लगाया है।
कहां गया जेब वाला सबूत?
सियासी गलियारों में बघेल के उस पुराने बयान पर तीखा तंज कसा जा रहा है, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि झीरम हमले के साक्ष्य उनकी जेब में मौजूद हैं। हमलावर होते हुए भाजपा नेता ने पूछा है कि जब NIA अदालत में मामले की सुनवाई खत्म हो गई, आदेश भी आ गया, तो वह साक्ष्य अदालत के सामने क्यों नहीं पहुंचा? नरेश चंद्र के अनुसार बघेल ने अपने उन तथाकथित साक्ष्यों को अदालत के सामने जानबूझकर नहीं रखा और उन्हें छिपा लिया।
अपनों की मौत पर सबूत छिपाने का आरोप
इस राजनीतिक बयानबाजी में बघेल को साक्ष्य छिपाने का आरोपी बताया गया है। नरेश चंद्र ने अपनी पोस्ट में लिखा है, "आप साक्ष्य छुपाने के आरोपी हैं, वह भी उस घटना के जिसमें आपकी पार्टी के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार पटेल सहित कई बड़े और दिग्गज नेता मारे गए थे।" श्री गुप्ता ने पूछा कि इतने संवेदनशील मामले में, जिसने समूचे देश को झकझोर कर रख दिया उसमें सबूत छिपाने के पीछे राजनीतिक मंशा क्या थी? आखिर इन साक्ष्यों को अदालत की चौखट तक पहुंचने से किसने रोका?
कांग्रेस आलाकमान से भी जवाब तलब
भाजपा नेता नरेश चंद्र गुप्ता ने इस मामले में भूपेश बघेल से सार्वजनिक तौर पर स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। साथ ही कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से भी जवाब मांगा है। भाजपा नेता ने पूछा है कि जब पार्टी ने अपने ही प्रथम पंक्ति के नेताओं को खोया, तो फिर सबूतों को लेकर यह पर्दादारी क्यों ?