
जम्मू। जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही भारी बारिश ने कई इलाकों में जनजीवन और यातायात व्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग समेत कई प्रमुख सड़कों पर भूस्खलन और मडस्लाइड के बाद मलबा जमा हो गया, जिसके कारण बड़ी संख्या में वाहन बीच रास्ते में फंस गए। हालात को संभालने के लिए प्रशासन और संबंधित विभागों की टीमें मशीनों के साथ मौके पर जुटी हैं। कई स्थानों पर रास्ते साफ करने का काम जारी है।
नगरोटा में हाईवे पर थमी गाड़ियों की रफ्तार
जम्मू के नगरोटा क्षेत्र में तेज बारिश के बाद मडस्लाइड हुआ। पहाड़ी से मलबा सड़क पर आने के कारण जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे पर यातायात प्रभावित हो गया। सड़क पर अचानक मलबा जमा होने से वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। प्रशासन की ओर से बुलडोजर और अन्य मशीनों की मदद से रास्ता साफ कराने का काम शुरू किया गया।
बनी-बसोहली मार्ग पर करीब एक घंटे फंसी एंबुलेंस
बारिश और भूस्खलन का असर सिर्फ हाईवे तक सीमित नहीं रहा। कठुआ जिले के बनी-बसोहली मार्ग पर भी लैंडस्लाइड के कारण आवाजाही बाधित हुई। इसी दौरान मरीज को लेकर जा रही एक एंबुलेंस भी रास्ते में फंस गई। बताया जा रहा है कि करीब एक घंटे तक रास्ता बाधित रहने के कारण एंबुलेंस को आगे बढ़ने में परेशानी हुई।
राजौरी में बच्चों को कंधे पर लेकर निकले माता-पिता
राजौरी में बारिश के बाद हालात और मुश्किल हो गए। भूस्खलन के कारण कई रास्तों पर मलबा जमा हो गया और लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई। ऐसे में अभिभावकों को छोटे बच्चों को कंधे और गोद में उठाकर मलबे वाले रास्ते पार कराते हुए देखा गया। सामने आई तस्वीरें बारिश के बाद ग्रामीण और पहाड़ी इलाकों में पैदा हुई मुश्किलों को बयां कर रही हैं।
कच्चे रास्तों पर बढ़ी मुश्किल
राजौरी के कई इलाकों में कच्चे रास्तों पर बारिश का पानी जमा हो गया है। कुछ स्थानों पर तेज बहाव के कारण सड़कें प्रभावित हुई हैं। प्रशासन ने लोगों को भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। यातायात पुलिस भी स्थिति को देखते हुए लोगों से ट्रैफिक एडवाइजरी का पालन करने और मौसम की जानकारी लेकर ही सफर करने की अपील कर रही है।
चिनाब का जलस्तर बढ़ा, बगलीहार बांध के गेट खोले गए
लगातार बारिश और चिनाब नदी के बढ़ते जलस्तर के बीच बगलीहार बांध के गेट खोले गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, नदी में जमा गाद को हटाने की प्रक्रिया के तहत यह कदम उठाया गया है। बांध और आसपास के इलाकों पर प्रशासन की निगरानी बढ़ा दी गई है। निचले क्षेत्रों में भी लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
मौसम ने बढ़ाई पहाड़ी इलाकों की चुनौती
जम्मू-कश्मीर में लगातार बारिश के कारण एक तरफ जहां सड़क और हाईवे पर मलबा आने से यातायात प्रभावित है, वहीं दूसरी ओर पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। फिलहाल, प्रशासन की प्राथमिकता बंद रास्तों को जल्द खोलना और लोगों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना है। मौसम साफ होने तक यात्रियों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई है।