
बिलासपुर : जरहाभाठा स्थित विभागीय छात्रावास परिसर को आधुनिक रूप देने की तैयारी शुरू हो गई है । यहां सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत मल्टी स्टोरी बिल्डिंग का निर्माण कराया जाएगा । आदिम जाति विकास एवं कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने विभागीय समीक्षा बैठक में यह जानकारी दी । उन्होंने कहा कि नई इमारत बनने से विद्यार्थियों को बेहतर आवासीय सुविधाएं मिलेंगी ।
किसानों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर जोर
समीक्षा बैठक में कृषि और पशुपालन विभाग की योजनाओं की प्रगति पर भी चर्चा हुई । मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकारी योजनाओं का लाभ केवल कागजों में दर्ज न रहे, बल्कि उसका असर खेत और किसानों के जीवन में दिखाई देना चाहिए । उन्होंने अधिकारियों को किसानों से लगातार संपर्क बनाए रखने और योजनाओं की जमीनी स्थिति की निगरानी करने को कहा ।
पौधरोपण से आय बढ़ाने की पहल
उद्यान विभाग की योजनाओं की समीक्षा के दौरान मंत्री ने किसानों को फलदार और उपयोगी पौधे लगाने के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए । उनका कहना था कि खेती के साथ फलदार पौधों का रोपण किसानों की आय बढ़ाने का अतिरिक्त जरिया बन सकता है । विभाग को पौधे उपलब्ध कराने के साथ ही रोपण के बाद उनकी देखभाल की जानकारी देने पर भी ध्यान देने को कहा गया ।
छात्रावासों की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा
बैठक में आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग के छात्रावासों में प्रवेश की स्थिति और विद्यार्थियों को मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली गई । मंत्री ने कहा कि छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए ।
मत्स्य विभाग सहित अन्य विभागों की योजनाओं की समीक्षा करते हुए भी मंत्री ने पात्र लोगों तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाने के निर्देश दिए । उन्होंने कहा कि अधिकारी कार्यालयों तक सीमित न रहें, बल्कि क्षेत्र में जाकर योजनाओं की निगरानी करें और हितग्राहियों की समस्याओं को समझें ।
मंत्री नेताम ने कहा कि सरकारी योजनाओं का अंतिम उद्देश्य लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना है । इसलिए योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, संवेदनशीलता और जवाबदेही जरूरी है ।