अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के सीतापुर में गुरुवार को लगातार हो रही बारिश के बीच महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यालय में बड़ा हादसा हो गया। कार्यालय भवन की छत का प्लास्टर अचानक भरभराकर नीचे गिर पड़ा, जिसकी चपेट में परियोजना अधिकारी सहित तीन कर्मचारी आ गए। हादसे के बाद कार्यालय में अफरा-तफरी मच गई। सहकर्मियों ने तत्काल घायलों को बाहर निकाला और इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सीतापुर पहुंचाया।

गनीमत रही कि हादसे के समय प्लास्टर का केवल एक हिस्सा गिरा। अगर पूरी छत का बड़ा भाग ढह जाता तो बड़ा जानलेवा हादसा हो सकता था। घटना के बाद कार्यालय भवन की सुरक्षा व्यवस्था और उसकी जर्जर स्थिति को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।

तेज बारिश के दौरान अचानक गिरा छत का प्लास्टर
जानकारी के अनुसार, क्षेत्र में पिछले कई दिनों से लगातार बारिश हो रही है। गुरुवार को भी तेज बारिश के बीच कर्मचारी रोजमर्रा के कामकाज में व्यस्त थे। इसी दौरान भवन की छत से अचानक प्लास्टर टूटकर नीचे गिरने लगा। अचानक हुए हादसे से कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। कुछ देर के लिए पूरे कार्यालय में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई और सभी लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागे।

परियोजना अधिकारी सहित तीन लोग घायल
हादसे में महिला एवं बाल विकास विभाग के सीतापुर परियोजना अधिकारी सहित कुल तीन लोग घायल हुए हैं। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और विभागीय अधिकारी मौके पर पहुंचे। घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, सीतापुर ले जाया गया, जहां उनका उपचार किया गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार सभी घायलों की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।

लंबे समय से जर्जर भवन में संचालित हो रहा कार्यालय
स्थानीय लोगों के अनुसार महिला एवं बाल विकास विभाग का कार्यालय लंबे समय से एक पुराने और जर्जर भवन में संचालित हो रहा है। भवन की स्थिति को लेकर पहले भी कई बार चिंता जताई जा चुकी थी, लेकिन स्थायी समाधान नहीं निकाला गया। लगातार बारिश के कारण भवन की दीवारों और छत में नमी बढ़ गई थी। ऐसे में छत का प्लास्टर गिरने की घटना ने भवन की वास्तविक स्थिति को उजागर कर दिया है।

कर्मचारियों की सुरक्षा पर उठे सवाल
घटना के बाद विभागीय कर्मचारियों और स्थानीय लोगों ने सरकारी कार्यालयों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते जर्जर भवनों की मरम्मत या वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई तो भविष्य में इससे भी बड़ा हादसा हो सकता है। कर्मचारियों का कहना है कि जिस भवन में रोजाना अधिकारी, कर्मचारी और आम नागरिक आते हैं, उसकी नियमित तकनीकी जांच और आवश्यक मरम्मत कराना बेहद जरूरी है।