कवर्धा। छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले से एक संवेदनशील मामला सामने आया है। बोड़ला विकासखंड के वनांचल क्षेत्र स्थित एक कन्या छात्रावास में रहने वाली छात्रा की तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि छात्रा कई दिनों से बीमार थी, लेकिन छात्रावास प्रबंधन ने समय पर उन्हें सूचना नहीं दी। उनका कहना है कि यदि समय रहते इलाज मिलता तो शायद छात्रा की जान बचाई जा सकती थी। घटना के बाद छात्रावास की कार्यप्रणाली और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं।

बीमार छात्रा की हालत बिगड़ी, रास्ते में हुई मौत
परिजनों के अनुसार, बबीता पद्राम अमेरा कन्या छात्रावास में रहकर पढ़ाई कर रही थी। उनका दावा है कि छात्रा पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ थी। आरोप है कि रात में उसकी तबीयत अधिक बिगड़ने के बाद ही परिजनों को सूचना दी गई। सूचना मिलने पर परिवार तत्काल छात्रावास पहुंचा और उसे अस्पताल लेकर रवाना हुआ, लेकिन रास्ते में ही छात्रा ने दम तोड़ दिया। इसके बाद परिजन छात्रा का शव अपने गांव ले गए, जहां अंतिम संस्कार किया गया।

छात्रावास प्रबंधन पर उठे सवाल
परिजनों का आरोप है कि घटना के समय छात्रावास अधीक्षिका मौजूद नहीं थीं। उनका कहना है कि यदि छात्रा को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाती और समय पर परिवार को सूचना दी जाती, तो स्थिति अलग हो सकती थी। इन आरोपों की प्रशासनिक जांच की जा रही है।

वनांचल के छात्रावासों की व्यवस्था पर फिर उठे सवाल
घटना के बाद सामाजिक कार्यकर्ता सुखनंदन धुर्वे ने वनांचल क्षेत्रों के छात्रावासों की व्यवस्थाओं पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि दूरस्थ आदिवासी क्षेत्रों के बच्चों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और देखभाल को लेकर पहले भी कई बार सवाल उठ चुके हैं। उन्होंने आदिम जाति कल्याण विभाग से छात्रावासों की व्यवस्थाओं में सुधार और नियमित निगरानी की मांग की।

जांच के लिए 5 सदस्यीय टीम गठित 
घटना के बाद जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं। प्रशासन के अनुसार, कलेक्टर की अनुशंसा पर डिप्टी कलेक्टर के नेतृत्व में पांच सदस्यीय जांच समिति गठित की जा रही है, जो पूरे घटनाक्रम की जांच कर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

विभागीय अधिकारियों की प्रतिक्रिया का इंतजार
मामले में आदिम जाति कल्याण विभाग के अधिकारियों की ओर से विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया फिलहाल सामने नहीं आई है। प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।