
कवर्धा। छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में एक युवक की आत्महत्या के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। पुलिस जांच में सामने आए कथित मानसिक दबाव और प्रताड़ना के आधार पर युवक की लिव-इन पार्टनर को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के मुताबिक, मृतक पर शादी के लिए दबाव बनाया जा रहा था और इनकार करने पर गंभीर कानूनी मामले में फंसाने की कथित धमकी दी गई थी।
सिटी कोतवाली पुलिस ने जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों और बयानों के आधार पर महिला के खिलाफ आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने से संबंधित धारा 108 बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया।
29 जुलाई को हुई थी युवक की मौत
पुलिस के अनुसार, मामला 29 जुलाई 2026 का है। उस दिन आलोक दुबे के फांसी लगाकर आत्महत्या करने की सूचना पुलिस को मिली थी। शुरुआती तौर पर पुलिस ने मर्ग कायम कर घटना की जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। इसके अलावा पोस्टमार्टम रिपोर्ट, वैज्ञानिक अधिकारी की रिपोर्ट और मृतक के परिजनों व अन्य संबंधित लोगों के बयान भी लिए गए। जांच आगे बढ़ने पर पुलिस ने मृतक के मोबाइल और लैपटॉप को अपने कब्जे में लिया। वहीं, आरोपी महिला के तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए गए।
चार साल से लिव-इन में रहने की बात
पुलिस जांच में सामने आया कि आलोक दुबे और आरोपी महिला करीब चार वर्षों से लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे थे। पुलिस का दावा है कि इसी दौरान दोनों के बीच शादी को लेकर विवाद की स्थिति बनी। जांच एजेंसी के मुताबिक, महिला कथित तौर पर आलोक पर धर्म परिवर्तन कर मुस्लिम रीति-रिवाज से शादी करने का दबाव बना रही थी। पुलिस ने यह भी दावा किया है कि शादी के लिए तैयार नहीं होने पर युवक को रेप के मामले में फंसाने की धमकी दी गई।
मोबाइल और लैपटॉप से जुटाए गए साक्ष्य
मामले की जांच में पुलिस ने डिजिटल उपकरणों को भी अहम साक्ष्य माना है। मृतक का मोबाइल और लैपटॉप तथा आरोपी के तीन मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। पुलिस इन उपकरणों और जांच में सामने आए अन्य तथ्यों के आधार पर दोनों के बीच हुई बातचीत और घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने में जुटी। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और गवाहों के बयानों के आधार पर आत्महत्या के लिए कथित तौर पर उकसाने का मामला दर्ज किया गया है।
23 सितंबर को FIR, अगले दिन गिरफ्तारी
मर्ग जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने 23 सितंबर 2026 को अपराध दर्ज किया। इसके बाद जांच के आधार पर आरोपी महिला को 24 सितंबर को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश किया है। मामले में अब जांच एजेंसी आत्महत्या से पहले की परिस्थितियों, कथित दबाव और दोनों के बीच हुए संवाद समेत अन्य पहलुओं की पड़ताल कर रही है।
जांच में सामने आए आरोपों की भी होगी पड़ताल
पुलिस के मुताबिक, फिलहाल मामला जांच के चरण में है। शादी को लेकर कथित दबाव, धमकी और मानसिक प्रताड़ना के आरोपों से जुड़े साक्ष्यों की जांच की जा रही है। इन आरोपों की पुष्टि और आपराधिक जिम्मेदारी का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के दौरान होगा। कवर्धा पुलिस अब जब्त किए गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर यह पता लगाने में जुटी है कि युवक की आत्महत्या से पहले वास्तव में क्या परिस्थितियां बनी थीं।