
बैकुंठपुर/कोरिया। शहर के आईसी मार्ट (IC Mart) के संचालक द्वारा चोरी का झूठा आरोप लगाकर ब्लैकमेलिंग से तंग आकर 17 वर्षीय आदिवासी किशोरी की आत्महत्या के मामले में बड़ा एक्शन हुआ है। राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रदेश के शीर्ष पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को नोटिस जारी किया है। आयोग ने छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक (DGP), कोरिया कलेक्टर, कोरिया एसपी और आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव से 3 दिन के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट तलब की है।
स्कूटी जब्त कर मांगे थे 50 हजार रुपए
यह पूरी घटना बैकुंठपुर की है। मृतका एक पुलिस आरक्षक की बेटी थी। जानकारी के मुताबिक, आईसी मार्ट के संचालक ने किशोरी पर चोरी का झूठा आरोप मढ़ दिया था। इसके बाद मार्ट संचालक ने उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। हद तो तब हो गई जब संचालक ने किशोरी की स्कूटी जब्त कर ली और मामले को रफा-दफा करने के एवज में 50 हजार रुपए की अवैध मांग की। इस ब्लैकमेलिंग, धमकी और सामाजिक बदनामी के डर से किशोरी इतनी आहत हुई कि उसने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी।
डॉ. साय की शिकायत पर संज्ञान
इस संवेदनशील मामले में मिडिया में प्रकाशित प्रमुख खबर चोरी का आरोप लगा मार्ट संचालक ने स्कूटी जब्त कर मांगे 50 हजार रुपए, किशोरी ने लगा ली फांसी"* और वरिष्ठ नेता डॉ. नंदकुमार साय द्वारा की गई शिकायत के बाद जनजाति आयोग तुरंत हरकत में आया। आयोग के सहायक निदेशक प्रदीप कुमार दास ने आधिकारिक नोटिस जारी किया है।