बेमेतरा : जिले के कुंरा गांव में एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां गड्ढों से भरी सड़क पर अनियंत्रित हुई एक निजी बस बिजली के खंभे से जा भिड़ी। भीषण टक्कर में दो यात्रियों की मौत हो गई, जबकि आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए।

मंत्री के गांव की सड़क का हाल बेहाल, रोज गुजरती हैं दर्जनों बसें

कुंरा गांव छत्तीसगढ़ शासन के खाद्य मंत्री दयालदास बघेल का गांव बताया जाता है। नांदघाट से मुंगेली जाने वाले प्रमुख मार्ग पर बसे इस गांव की सड़क की हालत बेहद खराब है। सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे हैं। हालात ऐसे हैं कि वाहन चालकों को सड़क पर चलने से ज्यादा गड्ढों से बचने की मशक्कत करनी पड़ती है। इसी मार्ग से भाटापारा, नांदघाट, मुंगेली और रायपुर के बीच निजी बसों का नियमित आवागमन होता है। रोजाना दो दर्जन से अधिक बसें यहां से गुजरती हैं। बसों के अलावा बड़ी संख्या में चारपहिया और दोपहिया वाहन भी इसी रास्ते का उपयोग करते हैं। इसके बावजूद सड़क की बदहाली यात्रियों और राहगीरों के लिए खतरा बनी हुई है।

गड्ढे में उतरे ही बस बिजली के खंभे से जा टकराई

जानकारी के अनुसार, आरबीएस की निजी बस रायपुर से नांदघाट होते हुए मुंगेली के लिए रवाना हुई थी। बस कुंरा गांव पहुंची ही थी कि सड़क पर मौजूद एक बड़े गड्ढे में उसके दोनों पहिए उतर गए। इससे चालक बस पर नियंत्रण नहीं रख सका और वाहन सड़क किनारे लगे बिजली के खंभे से जा टकराया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। बस में सवार यात्रियों के बीच अफरा-तफरी मच गई। हादसे में दो यात्रियों की मौत हो गई, जबकि आधा दर्जन से अधिक यात्री घायल हो गए। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाए जाने की जानकारी है। हादसे के बाद घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जुट गई।

दोपहिया चलाना भी हुआ मुश्किल

इस मार्ग की बदहाली का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कई हिस्सों में चारपहिया वाहनों को भी संभलकर निकलना पड़ता है, जबकि दोपहिया चालकों के लिए गड्ढों से बचना किसी चुनौती से कम नहीं है। बारिश के दौरान गड्ढों में पानी भरने पर उनकी गहराई का अंदाजा लगाना और भी मुश्किल हो जाता है। रोजाना इसी रास्ते से गुजरने वाले यात्रियों को हमेशा दुर्घटना होने का खतरा बने रहता है।