Nepal Flash Flood: नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड के बाद हालात अभी भी सामान्य नहीं हो पाए हैं। भोटेकोशी और त्रिशूली नदी तंत्र में आई भीषण बाढ़ ने बड़े पैमाने पर जान-माल को नुकसान पहुंचाया है। नेपाल की राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, आपदा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 1,410 हो गई है, जबकि 6,145 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं।

कई जिलों में तबाही, चितवन में सबसे ज्यादा मौतें
बाढ़ प्रभावित इलाकों में लगातार चल रहे सर्च ऑपरेशन के दौरान अलग-अलग जिलों से शव बरामद किए जा रहे हैं। NDRRMA के आंकड़ों के अनुसार, चितवन में 364, नवलपरासी पूर्व में 232, नवलपरासी पश्चिम में 222, नुवाकोट में 203 और रसुवा में 199 शव बरामद किए गए हैं। इसके अलावा गोरखा, धाडिंग और तनाहुं में भी बड़ी संख्या में लोगों की जान गई है।

6 हजार से ज्यादा लोगों की तलाश जारी
आपदा के कई सप्ताह बीत जाने के बावजूद हजारों लोगों का कोई पता नहीं चल सका है। सरकारी आंकड़ों में 6,145 लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। इनमें नेपाली नागरिकों के साथ विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। पहाड़ी इलाकों में भारी मलबा, क्षतिग्रस्त सड़कें और मुश्किल भौगोलिक परिस्थितियां राहत एवं खोज अभियान को चुनौती दे रही हैं। बड़ी संख्या में बरामद शवों की पहचान भी चुनौती बनी हुई है। नेपाल में लापता लोगों के परिजनों से DNA नमूने लिए जा रहे हैं, ताकि बरामद शवों की पहचान कर उन्हें परिवारों को सौंपा जा सके। नेपाल सरकार के अनुसार, पहचान और फोरेंसिक प्रक्रिया में अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों की मदद भी ली जा रही है।

13,756 लोगों को सुरक्षित निकाला गया
विनाशकारी बाढ़ के बीच नेपाली सेना, नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल की टीमें लगातार राहत और बचाव अभियान चला रही हैं। अब तक 13,756 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। अस्पतालों में अभी भी बड़ी संख्या में घायल लोगों का इलाज चल रहा है। सरकार और सुरक्षा एजेंसियां प्रभावित क्षेत्रों में हेलीकॉप्टर, ड्रोन और विशेष रेस्क्यू टीमों की मदद से तलाशी अभियान चला रही हैं। विशेष रूप से हाइड्रोपावर परियोजनाओं की सुरंगों में फंसे लोगों की तलाश पर भी ध्यान दिया जा रहा है। भारत, चीन और दक्षिण कोरिया की विशेषज्ञ टीमें भी सुरंगों में बचाव अभियान में सहयोग कर रही हैं।

हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट और सड़क नेटवर्क बुरी तरह प्रभावित
फ्लैश फ्लड ने नेपाल के बुनियादी ढांचे को भी भारी नुकसान पहुंचाया है। बाढ़ और मलबे की वजह से कई सड़कें, पुल और बिजली परियोजनाएं प्रभावित हुई हैं। कई हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स में सुरंगों और निर्माण क्षेत्रों में मलबा भर गया, जिससे राहत और खोज अभियान मुश्किल हो गया है। नेपाल के लिए यह आपदा सिर्फ मानवीय संकट नहीं बल्कि पुनर्निर्माण की बड़ी चुनौती भी बन गई है। प्रभावित क्षेत्रों में संपर्क व्यवस्था बहाल करने, बिजली आपूर्ति सामान्य करने और लापता लोगों की तलाश के साथ-साथ क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे को दोबारा खड़ा करने का काम भी जारी है।

अभी खत्म नहीं हुआ राहत और तलाश का अभियान
नेपाल सरकार का कहना है कि प्राथमिकता लापता लोगों का पता लगाना, घायलों को चिकित्सा सहायता देना और प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाना है। लगातार बदलते आंकड़ों के बीच प्रशासन ने लोगों और मीडिया से आधिकारिक स्रोतों से जारी सत्यापित जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है। नेपाल की इस त्रासदी में सबसे बड़ी चुनौती अब उन हजारों परिवारों को जवाब देना है, जो कई सप्ताह बाद भी अपने परिजनों की खबर का इंतजार कर रहे हैं।