
नई दिल्ली/नोएडा। आज नोएडा के औद्योगिक इलाकों में वेतन बढ़ोतरी की मांग को लेकर शुरू हुआ श्रमिक आंदोलन देखते ही देखते हिंसक रूप ले बैठा। हजारों की संख्या में सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारियों ने कई जगहों पर तोड़फोड़ और आगजनी की, जिसमें पुलिस की गाड़ियां भी निशाने पर रहीं। स्थिति बिगड़ने पर प्रशासन को तत्काल अतिरिक्त बल तैनात करना पड़ा, जबकि हालात को काबू में लाने के लिए लगातार प्रयास जारी हैं।
प्रदर्शन के दौरान उपद्रवियों ने पांच वाहनों को आग के हवाले कर दिया, जिनमें पुलिस की जीप भी शामिल है। सेक्टर-फेज-2 और सेक्टर-60 समेत कई औद्योगिक क्षेत्रों में पत्थरबाजी और हिंसा की घटनाएं सामने आईं। पुलिस का मानना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बीच कुछ असामाजिक तत्व घुस आए, जिन्होंने माहौल को भड़काकर हिंसा को बढ़ावा दिया।
इस बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने मामले का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को श्रमिकों के वेतन, सुरक्षा और कार्य परिस्थितियों में सुधार के लिए ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिकों के साथ न्यायपूर्ण व्यवहार सुनिश्चित किया जाए और उनकी समस्याओं का समयबद्ध समाधान हो।
हिंसा के मद्देनजर Delhi से सटे सभी बॉर्डर इलाकों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। दिल्ली पुलिस ने हाई अलर्ट जारी करते हुए प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग बढ़ा दी है और वाहनों की सघन जांच की जा रही है। रैपिड रिस्पॉन्स टीमें और अर्धसैनिक बल भी तैनात किए गए हैं, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
प्रदर्शन के कारण नोएडा और दिल्ली के बीच यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। प्रमुख सड़कों पर लंबा जाम लग गया, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। बताया जा रहा है कि करीब 50 हजार श्रमिक इस आंदोलन में शामिल हैं। फिलहाल, पुलिस और प्रशासन स्थिति को शांत करने के लिए प्रदर्शनकारियों से संवाद बनाए हुए हैं, वहीं हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।




