रायपुर। छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का साया छंटने के साथ ही सैलानियों की भीड़ उमड़ पड़ी है। आलम यह है कि लोग अब गोवा और केरल छोड़कर यहां के जंगलों और वादियों का रुख कर रहे हैं। मगर, पर्यटकों के स्वागत के लिए पर्यटन मंडल से पहले साइबर ठग सक्रिय हो गए हैं। कमरे की बुकिंग के नाम पर ऑनलाइन ऐसा जाल बिछाया गया है कि लोग सस्ते ऑफर के चक्कर में लाखों लुटा चुके हैं। लगातार शिकायतों के बाद अब चार मामलों में एफआईआर दर्ज कराई गई है। तब जाकर प्रशासन की नींद टूटी है और अलर्ट जारी करना पड़ा है।


सस्ते पैकेज का महंगा झांसा

साइबर ठगों ने ऑनलाइन दुनिया में छत्तीसगढ़ पर्यटन का पूरा डमी बाजार सजा रखा है। प्रतीक चिन्ह, तस्वीरें और प्रचार सामग्री बिल्कुल असली जैसी, बस बुकिंग लिंक और मोबाइल नंबर फर्जी हैं। सोशल मीडिया पर सस्ते टूर पैकेज और कम कीमत में आलीशान कमरों का झांसा दिया जा रहा है। जैसे ही कोई झांसे में आकर किसी अनजान मोबाइल नंबर या निजी खाते में रकम डालता है, उसकी यात्रा शुरू होने से पहले ही ठगी का शिकार हो जाती है।

 * इसी फर्जीवाड़े को देखते हुए बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि केवल आधिकारिक वेबसाइट (tourism.cgstate.gov.in) का उपयोग करें।

 * किसी भी व्यक्ति के निजी खाते या संदिग्ध भुगतान लिंक पर पैसे भेजने से बचें।

पर्यटकों की आमद में मशहूर राज्य भी पीछे

बीते पांच वर्षों के आंकड़े बताते हैं कि राज्य में पर्यटकों की आमद ने दस गुना लंबी छलांग लगाई है। मानसून सीजन होने के कारण इन दिनों भीड़ और भी ज्यादा रहती है। इसी बढ़ती डिमांड को देखकर ठगों की बांछें खिल गई हैं। अगर अन्य राज्यों से तुलना करें, तो आंकड़े हैरान करने वाले हैं:

 * छत्तीसगढ़: वर्ष 2020 में महज 30.13 लाख लोग आए। साल 2021 में यह आंकड़ा 1.15 करोड़ पहुंच गया। वर्ष 2022 में 2.36 करोड़, 2023 में 2.60 करोड़ और 2024 में करीब 3.14 करोड़ पर्यटकों ने राज्य का दौरा किया।

 * हिमाचल प्रदेश: 2020 में 22 लाख, 2022 में 1.51 करोड़ और 2023 में 1.60 करोड़ पर्यटक पहुंचे।

 * केरल: 2020 में 53 लाख, 2022 में 1.92 करोड़ और 2023 में 2.25 करोड़ सैलानी आए।

 * जम्मू कश्मीर: 2020 में 35 लाख, 2022 में 1.88 करोड़ और 2023 में 2.11 करोड़ पर्यटक गए।

 * गोवा: 2023 में 86 लाख और 2024 में लगभग 1.04 लाख पर्यटकों ने दौरा किया।


छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल यात्रा की योजना बनाते समय केवल अधिकृत और भरोसेमंद स्रोतों से जानकारी प्राप्त करें। फर्जी वेबसाइट और संदिग्ध ऑफर से दूरी बनाकर ही सुरक्षित यात्रा संभव है। मदद के लिए टोल फ्री नंबर पर संपर्क किया जा सकता है।

सौमिल रंजन चौबे एमडी छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल