
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में अपराधियों के हौसले किस कदर बुलंद हैं, इसका एक और खौफनाक उदाहरण शनिवार रात देखने को मिला है। सिविल लाइंस इलाके में दो गैंग आमने-सामने आ गए और देखते ही देखते सड़कें रणभूमि में तब्दील हो गईं। लाठी-डंडे चले, चाकू निकले और इलाके में दहशत फैल गई। इस हिंसक झड़प में एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया है, जबकि लूटपाट की भी जानकारी सामने आई है।
बताया जा रहा है कि पुरानी रंजिश को लेकर मोहसिन गैंग और उत्तम बेहरा-पंकज बेहरा गैंग के बीच विवाद हुआ, जो देखते ही देखते खूनी संघर्ष में बदल गया। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है, लेकिन सवाल यह है कि आखिर राजधानी की सड़कों पर खुलेआम गैंगवार करने का साहस अपराधियों को कहां से मिल रहा है?
इधर, शहर के दूसरे हिस्से में भी चाकूबाजी की वारदात ने लोगों को भयभीत कर दिया है। पंडरी-मोवा थाना क्षेत्र के दलदल सिवनी में तीन महीने पुराने विवाद को लेकर बदमाशों ने दो युवकों को घेरकर उन पर ताबड़तोड़ चाकू से हमला कर दिया। हाथ, पैर और सिर पर किए गए कई वारों से दोनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए और अस्पताल में भर्ती हैं।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर रायपुर में लगातार बढ़ रही चाकूबाजी की घटनाओं पर लगाम कब लगेगी? आए दिन सड़क पर चाकू निकल रहे हैं, गैंग सक्रिय हैं और अपराधियों में पुलिस का खौफ नजर नहीं आ रहा है। राजधानी में बढ़ते अपराध ने आम लोगों की सुरक्षा को लेकर नई चिंता खड़ी कर दी है। अब लोगों के बीच एक ही चर्चा है, क्या रायपुर धीरे-धीरे 'चाकूपुर' बनता जा रहा है?