
जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग से जवानों की बचत से जुड़े एक बड़े वित्तीय घोटाले का मामला सामने आया है। 5वीं वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (CAF) कर्मचारी कल्याण साख समिति में करीब 3 करोड़ के कथित गबन के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए समिति के तत्कालीन अध्यक्ष और प्रधान आरक्षक शिवाकांत तिवारी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। बताया जा रहा है कि यह रकम उन जवानों की मेहनत की कमाई थी, जिन्होंने भविष्य की सुरक्षा के लिए साख समिति में जमा की थी।
फर्जी दस्तावेजों के सहारे करोड़ों की हेराफेरी
बस्तर पुलिस की जांच में सामने आया कि साख समिति के रिकॉर्ड में कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर जवानों की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD), लोन की किस्तों और जमा राशि में हेराफेरी की गई। आरोप है कि योजनाबद्ध तरीके से रिकॉर्ड में बदलाव कर करोड़ों रुपये अलग-अलग निजी बैंक खातों में ट्रांसफर किए गए, जिससे समिति को भारी वित्तीय नुकसान हुआ और जवानों की वर्षों की बचत खतरे में पड़ गई।
प्रारंभिक जांच में मिले गंभीर वित्तीय साक्ष्य
पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में वित्तीय अनियमितताओं के पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद तत्कालीन अध्यक्ष शिवाकांत तिवारी को गिरफ्तार किया गया। अदालत में पेश करने के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
घोटाले में और भी नाम आ सकते हैं सामने
जांच एजेंसियां अब इस पूरे मामले में अन्य पदाधिकारियों, कर्मचारियों और संभावित लाभार्थियों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही हैं। पुलिस का कहना है कि बैंक लेनदेन, दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड की विस्तृत जांच जारी है। यदि अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जवानों में नाराजगी, जांच पर टिकी निगाहें
करीब 3 करोड़ के इस कथित घोटाले ने साख समिति से जुड़े कर्मचारियों और जवानों में गहरी नाराजगी पैदा कर दी है। जिन पैसों को भविष्य की सुरक्षा और जरूरतों के लिए जमा किया गया था, उन्हीं निधियों में कथित गड़बड़ी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।