बिलासपुर : लालखदान के पास नवंबर 2025 में हुए भीषण रेल हादसे की जांच में रेलवे सेफ्टी कमिश्नर (सीआरएस) की प्रारंभिक रिपोर्ट सामने आने के बाद रेल प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी। रिपोर्ट में हादसे के लिए मेमू के चालक और महिला सहायक परिचालक को जिम्मेदार माना गया है। हादसे में चालक विद्यासागर की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि गंभीर रूप से घायल महिला सहायक परिचालक रश्मि राज के खिलाफ रेल प्रशासन ने रिमूवल ऑफ सर्विस की कार्रवाई की है। वहीं, मृत चालक के परिजन को अनुकंपा नियुक्ति देने की प्रक्रिया चल रही है।

खड़ी मालगाड़ी से जा टकराई थी मेमू

नवंबर 2025 में बिलासपुर से गतौरा स्टेशन के बीच लालखदान के पास कोरबा से बिलासपुर आ रही लोकल मेमू अप लाइन पर खड़ी कोयले से लदी मालगाड़ी से जा टकराई थी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि मेमू के आगे के हिस्से के साथ ब्रेक यान और पीछे के दो यात्री कोच बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए थे। हादसे में 14 से अधिक यात्रियों की मौत हुई थी, जबकि 20 से ज्यादा यात्री घायल हुए थे। हादसे में रेलवे को भी करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ था।

इंजन टकराते ही चालक की हो गई थी मौत

मेमू का संचालन चालक विद्यासागर और सहायक परिचालक रश्मि राज कर रहे थे। मालगाड़ी से इंजन की सीधी टक्कर में चालक विद्यासागर की मौके पर ही मौत हो गई थी। वहीं, रश्मि राज गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। उन्हें उपचार के लिए पहले अपोलो अस्पताल और बाद में केंद्रीय रेलवे अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

एक माह के अंतराल में बिलासपुर आते रहे सीआरएस

रेल मंत्रालय ने हादसे की जांच रेलवे सेफ्टी कमिश्नर बीके मिश्रा को सौंपी थी। जांच के दौरान सीआरएस ने घटना से जुड़े रेलवे के अधिकारियों और कर्मचारियों से पूछताछ की। इसके अलावा हादसे से जुड़े तकनीकी और परिचालन पहलुओं की भी पड़ताल की गई। जांच पूरी होने तक महिला सहायक परिचालक को निलंबित रखा गया था।

रिपोर्ट के बाद शुरू हुई कार्रवाई

सीआरएस की प्रारंभिक रिपोर्ट आने के बाद अब रेल प्रशासन ने जिम्मेदार कर्मचारियों पर कार्रवाई शुरू कर दी है। जानकारी के मुताबिक, मामले में कुछ अधिकारियों के तबादले भी किए गए हैं। वहीं महिला सहायक परिचालक रश्मि राज के खिलाफ सेवा से हटाने की कार्रवाई की गई है। रिपोर्ट में चालक विद्यासागर को भी हादसे के लिए जिम्मेदार माना गया है, लेकिन उनकी हादसे में मौत हो चुकी है। ऐसे में उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई संभव नहीं है। उनके परिजन को नौकरी देने की प्रक्रिया रेलवे स्तर पर आगे बढ़ाई जा रही है।