
बिलासपुर : छत्तीसगढ़ अधीनस्थ लेखा सेवा(एसएएस) विभागीय परीक्षा भाग-2, 2017 को लेकर छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। हाई कोर्ट के जस्टिस बीडी गुरु की एकलपीठ ने परीक्षा का परिणाम रद्द करते हुए कहा कि विज्ञापित पाठ्यक्रम(सिलेबस) से बाहर प्रश्न पूछना और परीक्षा से ठीक पहले एडमिट कार्ड के माध्यम से नया विषय जोड़ना निष्पक्ष परीक्षा प्रक्रिया के विपरीत है ।
कोर्ट ने 20 दिसंबर 2017 को घोषित परीक्षा परिणाम और 22 नवंबर 2024 को अभ्यर्थियों की आपत्तियां खारिज करने वाले आदेश को भी निरस्त कर दिया है । साथ ही वित्त विभाग को स्पष्ट एवं पूर्ण सिलेबस अधिसूचित कर पात्र कर्मचारियों को पर्याप्त तैयारी का समय देने के बाद नई परीक्षा आयोजित करने की अनुमति दी है ।
क्या था मामला
अमर सिंह बिसेन, दिनेश कुमार सिंह सहित अन्य कर्मचारियों ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर एसएएस भाग-2 परीक्षा 2017 की वैधता को चुनौती दी थी । वित्त विभाग ने अप्रैल 2017 में विभागीय पदोन्नति के लिए एसएएस भाग-2 परीक्षा का विज्ञापन जारी किया था । परीक्षा 8 से 14 अगस्त 2017 के बीच आयोजित हुई । विज्ञापन और विभागीय वेबसाइट के अनुसार पेपर-5 के लिए 'कंपनी अकाउंट्स एंड स्टोर कंट्रोल(स्नातक स्तर)' विषय निर्धारित था l याचिकाकर्ताओं का आरोप था कि प्रश्नपत्र में पूछे गए सभी सात प्रश्न कॉस्ट अकाउंटेंसी से थे, जबकि यह विषय विज्ञापित सिलेबस में शामिल ही नहीं था ।
परीक्षा से कुछ घंटे पहले बदला विषय
याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट को बताया कि कॉस्ट अकाउंटेंसी का उल्लेख केवल एडमिट कार्ड और परीक्षा समय-सारणी में किया गया था । कई अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र पहुंचने के बाद, परीक्षा शुरू होने से कुछ घंटे पहले ही इस नए विषय की जानकारी मिली ।
परीक्षा में असफल होने के बाद अभ्यर्थियों ने सूचना के अधिकार के तहत उत्तरपुस्तिकाएं प्राप्त की और आउट ऑफ सिलेबस प्रश्न पूछे जाने पर आपत्ति दर्ज कराई । हालांकि विभागीय समिति ने इसे मात्र टाइपोग्राफिकल (लिपिकीय) त्रुटि बताते हुए अभ्यावेदन खारिज कर दिया था, जिसके खिलाफ हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई ।
परीक्षा से ठीक पहले नया विषय जोड़ना न्यायसंगत नहीं
याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अमृतो दास ने दलील दी कि अभ्यर्थी विज्ञापित सिलेबस के आधार पर परीक्षा की तैयारी करते हैं । परीक्षा से ठीक पहले एडमिट कार्ड के जरिए नया विषय जोड़ना न्यायसंगत नहीं है। उन्होंने कहा कि 'खेल शुरू होने के बाद उसके नियम नहीं बदले जा सकते।'
राज्य सरकार ने माना केवल लिपिकीय त्रुटि
राज्य शासन ने कोर्ट में कहा कि कॉस्ट अकाउंटेंसी विषय पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के बीकॉम द्वितीय वर्ष के पाठ्यक्रम का हिस्सा है और इसका उल्लेख एडमिट कार्ड में किया गया था । विज्ञापन में इसका नाम छूट जाना केवल लिपिकीय त्रुटि थी ।
हाई कोर्ट की सख्त टिप्पणी
जस्टिस बीडी गुरु की एकलपीठ ने कहा कि यदि विज्ञापन में किसी विषय का उल्लेख विभागीय गलती से छूट गया था तो परीक्षा से पहले विधिवत संशोधन या नई अधिसूचना जारी की जानी चाहिए थी । साथ ही परीक्षा की तिथि आगे बढ़ाकर अभ्यर्थियों को नए विषय की तैयारी के लिए पर्याप्त समय देना आवश्यक था ।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि एडमिट कार्ड किसी विज्ञापित सिलेबस में संशोधन का वैधानिक विकल्प नहीं हो सकता । परीक्षा से ठीक पहले नया विषय जोड़कर उसी आधार पर परीक्षा लेना पारदर्शी और निष्पक्ष परीक्षा प्रक्रिया के अनुरूप नहीं माना जा सकता ।
कोर्ट का आदेश
हाई कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि—20 दिसंबर 2017 का एसएएस भाग-2 परीक्षा परिणाम रद्द किया जाता है । 22 नवंबर 2024 को अभ्यर्थियों की आपत्तियां खारिज करने वाला आदेश भी निरस्त किया जाता है । वित्त विभाग स्पष्ट एवं पूर्ण सिलेबस विधिवत अधिसूचित करे । पात्र कर्मचारियों को तैयारी के लिए पर्याप्त समय देने के बाद नियमों के अनुरूप नई परीक्षा आयोजित की जाए ।