रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से एक बेहद संवेदनशील और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। रायपुर के विधानसभा थाना क्षेत्र में एक 13 साल की स्कूली छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म (Gang Rape) किए जाने का गंभीर मामला प्रकाश में आया है। इस जघन्य अपराध को अंजाम देने वाले दोनों आरोपी नाबालिग बताए जा रहे हैं। पुलिस ने त्वरित और सख्त कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उन्हें बाल न्यायालय में पेश करने के बाद बाल संप्रेक्षण गृह भेज दिया गया है। 

एक महीने तक डरी-सहमी रही पीड़िता

पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना करीब एक महीना पुरानी है। आरोपियों ने वारदात को अंजाम देने के बाद मासूम छात्रा को बुरी तरह डराया-धमकाया था और किसी को भी इस बारे में बताने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी थी। आरोपियों के खौफ और डर के कारण सहमी हुई पीड़िता लगभग एक महीने तक इस खौफनाक राज को अपने अंदर ही दबाए बैठी रही और परिवार में किसी को कुछ नहीं बता सकी।

अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में बिगड़ी तबीयत

मामले का खुलासा तब हुआ जब अक्टूबर के आखिरी सप्ताह में अचानक पीड़िता की तबीयत बिगड़ने लगी। उसे लगातार उल्टियां होने लगीं और चक्कर आने की शिकायत हुई। अपनी बेटी की ऐसी हालत देखकर मां चिंतित हो उठीं। मां ने जब प्यार से बेटी को गले लगाकर उसकी परेशानी की वजह पूछी, तो बच्ची खुद को रोक नहीं पाई और रोते हुए अपनी आपबीती मां को बता दी। अपनी बेटी के साथ हुई इस अमानवीय घटना के बारे में सुनकर परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई।

परिजनों ने दर्ज कराई थाने में शिकायत

घटना की जानकारी मिलते ही पीड़िता के परिजनों के होश उड़ गए। वे तुरंत अपनी बेटी को लेकर विधानसभा थाने पहुंचे और पुलिस में पूरे मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई। परिजनों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने फौरन भारतीय न्याय संहिता (BNS) और संबंधित गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया और जांच के लिए विशेष टीमें गठित कीं।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई और गिरफ्तारी

विधानसभा थाना पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय इनपुट के आधार पर दोनों नाबालिग आरोपियों को कुछ ही घंटों में धर दबोचा। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि दोनों आरोपियों की उम्र क्रमशः 14 वर्ष और 16 वर्ष है। पुलिस ने कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा करते हुए दोनों नाबालिगों को बाल न्यायालय के समक्ष पेश किया। न्यायालय के आदेश के बाद दोनों आरोपियों को बाल संप्रेक्षण गृह (Juvenile Observation Home) भेज दिया गया है।

सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर सवाल

राजधानी में इस तरह की घटना सामने आने के बाद स्थानीय नागरिकों और विभिन्न संगठनों में आक्रोश का माहौल है। लोग बच्चियों की सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त कर रहे हैं। वहीं, पुलिस प्रशासन का कहना है कि मामले में गहराई से आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है और पीड़िता को उचित न्याय एवं हरसंभव सहायता दिलाई जाएगी।