नई दिल्ली: देशभर में बढ़ती महंगाई का असर अब रेलवे यात्रियों की थाली और नाश्ते तक पहुंच गया है। मध्य रेलवे ने अपने स्टेशनों पर संचालित माइनर स्टैटिक कैटरिंग यूनिट्स में मिलने वाले कई लोकप्रिय स्नैक्स की कीमतों में बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। नई दरें 1 जून 2026 से लागू होंगी। रेलवे प्रशासन का कहना है कि ईंधन, खाद्य सामग्री और संचालन लागत में बढ़ोतरी के कारण यह फैसला लेना पड़ा। खासतौर पर पेट्रोल, डीजल और एलपीजी के बढ़े दामों ने कैटरिंग सेवाओं पर सीधा असर डाला है।

मुंबई और महाराष्ट्र की पहचान माने जाने वाले वड़ा पाव की कीमत में भी बदलाव किया गया है। रेलवे स्टेशनों पर बिकने वाला 50 ग्राम आलू वड़ा अब 15 रुपये में मिलेगा। रोजाना लोकल और लंबी दूरी की ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों के लिए यह बदलाव जेब पर असर डाल सकता है। खासकर वे यात्री, जो स्टेशन पर मिलने वाले सस्ते और झटपट नाश्ते पर निर्भर रहते हैं, उन्हें अब पहले से ज्यादा खर्च करना पड़ेगा।

रेलवे ने केवल वड़ा पाव ही नहीं, बल्कि कई अन्य लोकप्रिय फूड आइटम्स की कीमतें भी संशोधित की हैं। वेज समोसा, वेज पफ और साबूदाना वड़ा अब 20 रुपये में उपलब्ध होंगे। वहीं पाव भाजी और वेज पिज्जा की कीमत 50 रुपये तय की गई है। दक्षिण भारतीय व्यंजनों के शौकीनों के लिए मसाला डोसा अब 35 रुपये और इडली-सांभर की प्लेट 30 रुपये में मिलेगी। रेलवे का दावा है कि नई दरें पूरे मध्य रेलवे नेटवर्क में एक समान लागू की जाएंगी ताकि यात्रियों को अलग-अलग स्टेशनों पर अलग कीमतों की परेशानी न झेलनी पड़े।

हालांकि कुछ खाद्य पदार्थों की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है। मिसल पाव 35 रुपये, कचोरी 15 रुपये और दाबेली 20 रुपये में ही मिलती रहेगी। रेलवे अधिकारियों का मानना है कि बजट में सफर करने वाले यात्रियों को राहत देने के लिए कुछ विकल्पों को पुराने दामों पर बनाए रखना जरूरी था। इससे कम बजट में यात्रा करने वाले लोगों को कुछ हद तक सुविधा मिल सकेगी।

रेलवे प्रशासन ने बढ़ी हुई कीमतों के साथ खाने की गुणवत्ता सुधारने पर भी जोर दिया है। सभी स्टॉल संचालकों को साफ-सफाई बनाए रखने, निर्धारित मात्रा में खाद्य सामग्री देने और दो भाषाओं में रेट लिस्ट लगाने के निर्देश जारी किए गए हैं। रेलवे ने स्पष्ट किया है कि ओवरचार्जिंग या घटिया गुणवत्ता मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए नियमित निरीक्षण और निगरानी अभियान भी चलाए जाएंगे।

मध्य रेलवे भारतीय रेलवे का सबसे व्यस्त नेटवर्क माना जाता है, जिसका मुख्यालय मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) में स्थित है। इस ज़ोन के अंतर्गत मुंबई, पुणे, नागपुर, नासिक, भुसावल, सोलापुर और लोकमान्य तिलक टर्मिनस जैसे बड़े स्टेशन आते हैं। हर दिन लाखों यात्री इस नेटवर्क का उपयोग करते हैं, ऐसे में स्टेशन पर मिलने वाले भोजन और स्नैक्स की कीमतों में बदलाव सीधे आम यात्रियों के दैनिक खर्च को प्रभावित करेगा।