
बिलासपुर : रतनपुर के महामाया चौक में देर रात लूटपाट की वारदात को अंजाम देने वाले पांच आरोपियों को पुलिस ने घटना के चंद घंटों के भीतर गिरफ्तार कर लिया । आरोपियों में दो बालिग और तीन विधि से संघर्षरत बालक शामिल हैं । पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 1 हजार रुपये नकद और वारदात में इस्तेमाल ऑटो जब्त किया है ।
महामाया चौक पर आधी रात रोककर की लूटपाट
ग्राम कर्रा निवासी युवराज सिंह प्रधान 17 अगस्त की रात रतनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज कराने के बाद अपने घर लौट रहे थे । रात करीब 12 बजे महामाया चौक स्थित कृष्णा ट्रेडर्स के पास पहुंचे । इसी दौरान ऑटो क्रमांक सीजी 10 सीडी 7944 में सवार कुछ युवक वहां पहुंचे और उन्हें रोक लिया । आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए पैसों की मांग की । युवराज सिंह ने पैसे नहीं होने की बात कही तो आरोपियों ने डंडा दिखाकर जान से मारने की धमकी दी और उनकी पैंट की जेब से 12 सौ रुपये लूटकर फरार हो गए ।
शिकायत मिलते ही रात में शुरू हुई आरोपियों की तलाश
घटना के बाद युवराज सिंह ने रतनपुर थाने पहुंचकर मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई । मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी निलेश पाण्डेय ने वरिष्ठ अधिकारियों को घटना की जानकारी दी । अधिकारियों के निर्देश पर पुलिस टीम गठित कर आरोपियों और वारदात में इस्तेमाल ऑटो की तलाश शुरू की गई । पुलिस ने आसपास के इलाकों में संदिग्धों की जानकारी जुटाई और ऑटो के नंबर के आधार पर जांच आगे बढ़ाई ।
ईमलीभाठा तक पहुंची पुलिस, पांच को लिया हिरासत में
जांच के दौरान पुलिस को ऑटो सवार युवकों के सरकंडा क्षेत्र के ईमलीभाठा निवासी होने की जानकारी मिली । इसके बाद पुलिस टीम ने संदिग्धों के ठिकानों पर घेराबंदी कर राहुल दुबे (25), पवन कुमार गौहर (19) और तीन विधि से संघर्षरत बालकों को अभिरक्षा में लिया । पूछताछ में आरोपियों ने लूटपाट की घटना को अंजाम देना स्वीकार किया ।
1 हजार रुपये और वारदात में इस्तेमाल ऑटो जब्त
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 1 हजार रुपये नकद बरामद किए । इसके साथ ही घटना में इस्तेमाल ऑटो क्रमांक सीजी 10 सीडी 7944 को भी जब्त कर लिया गया । पुलिस के मुताबिक घटना के कुछ ही घंटों में आरोपियों की पहचान कर उन्हें पकड़ लिया गया, जिससे मामले का तेजी से खुलासा हुआ ।
दो बालिग आरोपी न्यायिक रिमांड पर, तीन नाबालिगों पर नियमानुसार कार्रवाई
कार्रवाई के बाद दोनों बालिग आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया । वहीं तीनों नाबालिगों के खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम के तहत नियमानुसार कार्रवाई की गई ।
पुलिस टीम की रही अहम भूमिका
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक निलेश पाण्डेय, सहायक उपनिरीक्षक नीलाकर सेठ, आरक्षक आकाश डोंगरे, धीरज कश्यप, देवानंद चन्द्राकर, बसंत मानिकपुरी, हरनारायण नेटी, मोरध्वज चन्द्रा और धनराज कुम्भकार का विशेष योगदान रहा ।