
बिलासपुर : रतनपुर महामाया मंदिर परिसर में 22 अगस्त को हुए विवाद और मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। पुलिस कार्रवाई के बाद अब भाजपा संगठन ने भी इस मामले में बड़ा कदम उठाया है। भाजपा ने अल्पसंख्यक मोर्चा मंडल रतनपुर की महामंत्री रेहाना बेगम को तत्काल प्रभाव से पद से मुक्त कर दिया है। पुलिस ने भी मामले में रेहाना बेगम के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। भाजपा संगठन का कहना है कि पुलिस जांच के दौरान पार्टी पद पर बने रहने से जांच प्रभावित होने या किसी तरह की परेशानी खड़ी होने की आशंका को देखते हुए उन्हें जिम्मेदारी से हटाया गया है।
वीडियो वायरल होने के बाद गरमाया मामला
जानकारी के अनुसार, 22 अगस्त को महामाया मंदिर परिसर में रेहाना बेगम और एक अन्य व्यक्ति के बीच विवाद की स्थिति बनी थी। इसी दौरान हुई घटना का किसी ने वीडियो बना लिया व सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया, जो तेजी से वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया। भाजपा से जुड़े सोशल मीडिया समूहों के अलावा दूसरे प्लेटफार्म पर भी वीडियो शेयर किया जाने लगा। इसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा और शिकायत के आधार पर अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई।
जांच पूरी होने तक पद से रहेंगी बाहर
भाजपा जिला बिलासपुर ग्रामीण संगठन की ओर से जारी जानकारी के अनुसार रेहाना बेगम के खिलाफ पुलिस जांच चल रही है। ऐसी स्थिति में उन्हें संगठन की जिम्मेदारी पर बनाए रखना उचित नहीं माना गया। इसी वजह से उन्हें तत्काल प्रभाव से महामंत्री के पद से मुक्त किया गया है। संगठन ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई फिलहाल पुलिस जांच पूरी होने तक प्रभावी रहेगी। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे का निर्णय लिया जाएगा।
दूसरे पक्ष की भूमिका पर भी उठ रहे सवाल
मामले में जहां रेहाना बेगम के खिलाफ पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है, वहीं विवाद में दूसरे पक्ष की भूमिका को लेकर भी स्थानीय स्तर पर सवाल उठ रहे हैं। दूसरे पक्ष की ओर से भी आरोप-प्रत्यारोप सामने आने की बात कही जा रही है। भाजपा से जुड़े एक पदाधिकारी पर भी मारपीट का आरोप लगाया गया है। ऐसे में पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही विवाद की पूरी तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।
मंदिर ट्रस्ट ने चार दुकानों को हटाने का दिया आदेश
विवाद के बाद महामाया मंदिर ट्रस्ट ने भी सख्त कदम उठाया है। ट्रस्ट की ओर से जारी आदेश में मंदिर परिसर में हुई घटना से श्रद्धालुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचने का हवाला देते हुए चार दुकानों को हटाने का निर्देश दिया गया है। ट्रस्ट ने भागवत उर्फ राहुल पटेल की महामाया फ्लावर दुकान, ईश्वर प्रधान, चिकी प्रधान और राजू शर्मा गीता प्रेस पुस्तक को दुकान हटाने के लिए कहा है। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित निर्देश का पालन नहीं करने पर बलपूर्वक कार्रवाई की जा सकती है।
सोशल मीडिया से पुलिस और संगठन तक पहुंचा मामला
महामाया मंदिर परिसर में हुई मारपीट का वीडियो वायरल होने के बाद विवाद तेजी से बढ़ा। वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आईं। इसके बाद पुलिस ने शिकायत पर कार्रवाई की और अब भाजपा संगठन ने भी अपनी पदाधिकारी के खिलाफ कदम उठाया है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।