भोपाल। मध्य प्रदेश के सागर जिले स्थित बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में गुरुवार रात इलाज के दौरान जमकर बवाल हुआ। यहां भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य अनिल श्रीवास्तव पर लेडी डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ के साथ बदसलूकी करने का आरोप लगा है। महिला स्टाफ का कहना है कि नेता ने उनके साथ बैड टच किया और विरोध करने पर गोली मारने की धमकी दी। इस घटना के विरोध में अस्पताल के डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने काम बंद कर दिया। सभी लोग मुख्य गेट पर पहुंच गए और चक्काजाम कर दिया।

रात दो बजे से शुरू हुआ पूरा विवाद

पीड़ित महिला स्टाफ ने बताया कि गुरुवार रात करीब दो बजे लक्ष्मी तिवारी नाम की एक मरीज को अस्पताल लाया गया था। मरीज के अस्पताल पहुंचने से पहले ही इलाज को लेकर कई बार फोन आ चुके थे। जब मरीज को अस्पताल लाया गया तब उसके साथ आए दो लोगों ने इलाज के दौरान अभद्र व्यवहार शुरू कर दिया। जब महिला स्टाफ ने इस व्यवहार का विरोध किया तो उन्होंने धमकी देना शुरू कर दिया। आरोप है कि अनिल पीपरा यानी अनिल श्रीवास्तव ने महिला स्टाफ को बैड टच किया और अस्पताल के बाहर देखकर गोली मारने की धमकी दी।

पुलिस पर लगे कार्रवाई नहीं करने के आरोप

महिला स्टाफ का कहना है कि घटना के तुरंत बाद रात में ही पुलिस और अस्पताल प्रबंधन को सूचना दे दी गई थी। सूचना मिलने पर पुलिस अस्पताल पहुंची भी लेकिन आरोप है कि पुलिस के पहुंचने से पहले ही अस्पताल के सुरक्षा कर्मियों ने मरीज और उसके साथियों को बाहर भेज दिया था। स्टाफ का आरोप है कि पुलिस बिना कोई कार्रवाई किए ही लौट गई। अस्पताल में ड्यूटी कर रही महिला कर्मचारियों का कहना है कि उनकी सुरक्षा खतरे में है। उनका तर्क है कि अगर अस्पताल में स्टाफ ही सुरक्षित नहीं रहेगा तो मरीजों का सही इलाज कैसे हो पाएगा।

प्रदेशभर में कार्य बहिष्कार की चेतावनी

जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन ने महिला डॉक्टर के साथ हुई इस अभद्रता और धमकी की घटना का कड़ा विरोध किया है। संगठन ने पुलिस और कॉलेज प्रबंधन के रवैये पर सवाल खड़े किए हैं। जेडीए का कहना है कि ऐसी घटनाओं से डॉक्टरों का मनोबल गिरता है। अध्यक्ष डॉ व्योमकृष्ण तिवारी ने कहा कि अस्पताल में तैनात महिला स्टाफ सुरक्षित नहीं है। उन्होंने चौबीस घंटे के भीतर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही अस्पताल में पर्याप्त सुरक्षा गार्ड तैनात करने को कहा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर समय पर कार्रवाई नहीं हुई तो पूरे प्रदेश में हड़ताल की जाएगी। मामले को दबाने के आरोप में कॉलेज के डीन की जिम्मेदारी तय करने की मांग भी की गई है।

सीसीटीवी फुटेज जांचने की मांग और एफआईआर

इन सभी आरोपों पर भाजपा नेता अनिल श्रीवास्तव ने कहा है कि उन पर लगे आरोप निराधार हैं। उनका कहना है कि वे अपने गांव के मरीज को देखने अस्पताल गए थे और केवल समय पर इलाज करने के लिए कहा था। उन्होंने कहा कि वार्ड में लगे सीसीटीवी कैमरे की जांच होनी चाहिए ताकि पूरी सच्चाई सामने आ सके। इधर बवाल बढ़ने के बाद पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और आश्वासन देकर प्रदर्शन खत्म कराया। एडिशनल एसपी नरेंद्र सोलंकी ने बताया कि शिकायत के आधार पर गोपालगंज थाने में अनिल श्रीवास्तव और लक्ष्मी तिवारी के खिलाफ छेड़छाड़ का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।