बिलासपुर। मोबाइल और इंटरनेट के बढ़ते इस्तेमाल के बीच साइबर ठगी के मामले भी सामने आ रहे हैं। इससे बचाव को लेकर बिलासपुर पुलिस के साइबर जागृति अभियान के तहत मंगलवार को सीएम दुबे पीजी कॉलेज में विद्यार्थियों के लिए जागरूकता कार्यक्रम हुआ। पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों को ऑनलाइन ठगी के अलग-अलग तरीकों के बारे में बताया और सावधानी बरतने की अपील की।

कार्यक्रम में उमनि/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने कहा कि मोबाइल और इंटरनेट अब रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा हैं। इसके साथ ही साइबर ठगी के तरीके भी बदल रहे हैं। ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही बैंक खाते पर भारी पड़ सकती है। उन्होंने विद्यार्थियों को साइबर अपराधियों के नए तरीकों की जानकारी दी।

IMG-20260819-WA0004एसएसपी ने OTP, UPI, फर्जी लिंक, APK फाइल, सोशल मीडिया फ्रॉड, ऑनलाइन ठगी, साइबर ब्लैकमेलिंग और डिजिटल अरेस्ट जैसे मामलों से बचने के तरीके बताए। उन्होंने कहा कि अनजान व्यक्ति को OTP, PIN, पासवर्ड, CVV या बैंक खाते से संबंधित जानकारी नहीं देनी चाहिए। किसी अनजान लिंक पर क्लिक करने और बिना जांचे APK फाइल डाउनलोड करने से भी बचना चाहिए।

 

उन्होंने बताया कि ठगी होने पर घबराने के बजाय तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करनी चाहिए। समय पर सूचना मिलने पर ठगी की रकम को रोकने की कोशिश की जा सकती है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे खुद सावधान रहें और घर-परिवार के लोगों को भी साइबर ठगी के तरीकों के बारे में बताएं।

 

सैकड़ों विद्यार्थियों ने ली जागरूकता सेल्फी

कार्यक्रम में विद्यार्थियों को जागरूकता सेल्फी लेकर उसे व्हाट्सएप, फेसबुक और इंस्टाग्राम के स्टेटस पर लगाने के लिए कहा गया। इसका मकसद सोशल मीडिया के जरिए ज्यादा लोगों तक साइबर सुरक्षा की जानकारी पहुंचाना था। इसके बाद बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने सेल्फी लेकर अभियान में भाग लिया।

एसएसपी ने कहा कि साइबर सुरक्षा सिर्फ पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है। हर नागरिक को अपने मोबाइल, बैंक खाते और सोशल मीडिया की जानकारी को लेकर सावधान रहना होगा।

कार्यक्रम में कलेक्टर डॉ. संजय अग्रवाल, एसएसपी रजनेश सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण मधुलिका सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात रामगोपाल करियारे, कॉलेज चेयरमैन संजय दुबे, प्राचार्य, प्राध्यापक, पुलिस अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे।