रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम (नान) की रायपुर जिला प्रबंधक हेलेना तिग्गा के खिलाफ करोड़ों रुपये के भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच ठंडे बस्ते में जाती दिख रही है। शासन स्तर से जिस मामले की जांच सात दिन के भीतर पूरी कर रिपोर्ट तलब की गई थी, उस आदेश को जारी हुए लगभग चार महीने बीत चुके हैं, लेकिन अब तक कोई नतीजा नहीं निकला है।

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने इस प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए निगम के प्रबंध संचालक को निर्देश जारी किए थे। अवर सचिव अमितोष जॉन ने 23 मार्च 2026 को जारी पत्र में तथ्यात्मक जांच कर निर्धारित समय-सीमा में रिपोर्ट देने को कहा था। यह आदेश 16 मार्च 2026 को दर्ज कराई गई एक शिकायत के आधार पर दिया गया था। शिकायतकर्ता ने अपनी शिकायत में पद के दुरुपयोग और अवैध उगाही का विस्तार से जिक्र किया है।

शिकायत में लगाए गए प्रमुख आरोप:

  •   राशन दुकानों में जाने वाला चावल राइस मिलों में खपाया गया। प्रति 29 मीट्रिक टन खराब चावल के लॉट को पास करने के एवज में 7,500 रुपये की रिश्वत लेने की बात कही गई है।
  •  रायपुर, कोरबा और कोंडागांव में कुल 3.85 लाख मीट्रिक टन चावल की खरीदी हुई। दावा है कि इस दौरान करीब 9.98 करोड़ रुपये की अवैध वसूली की गई।
  •   मिलरों के साथ मिलकर ऑनलाइन रिकॉर्ड में निम्न गुणवत्ता वाले चावल को उच्च गुणवत्ता का दिखाया गया। तकनीकी सहायकों के जरिए पुराने बारदाने को नया दर्शाया गया।
  •  30 अप्रैल 2025 को दुर्ग जिले के दो तकनीकी सहायकों की आईडी-पासवर्ड का उपयोग करके खराब चावल के 15-15 लॉट को सीएमआर के अंतर्गत प्रदाय केंद्रों में जमा कराया गया।
  •   बिना विभागीय अनुमति के विदेश यात्रा की गई, जिसे सिविल सेवा नियम 1965 का उल्लंघन बताया गया है।

  मातहत कर्मचारियों से राशि मांगना, पैसे न देने पर गोपनीय चरित्रावली खराब करने और ड्यूटी से हटवा देने की धमकी देने का भी आरोप है। भ्रष्टाचार का विरोध करने वालों को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां दी गईं।

तबादले के बाद दोबारा वापसी

सूत्र बताते हैं कि एक वर्ष पूर्व हेलेना तिग्गा का रायपुर से तबादला कर दिया गया था। इसके बावजूद कुछ ही दिनों में वे पुनः रायपुर में पदस्थ हो गईं। शिकायत में यह भी उल्लेख है कि पूर्व में कोरबा जिले में तैनाती के दौरान भी उनके खिलाफ इसी तरह की गंभीर शिकायतें सामने आई थीं।

इनका क्या कहना है

नान के एजीएम और जांच अधिकारी महेन्द्र साहू ने बताया, "मुझे जांच का जिम्मा मिला है। संबंधित कार्यालय से कुछ जानकारी और दस्तावेज मांगे गए हैं। जानकारी मिलते ही जांच शुरू होगी और प्रतिवेदन सक्षम अधिकारी के पास भेजा जाएगा।"

इस मामले में अभी हेलन तिग्गा से कोई बात नहीं हो पाई न ही फोन पर संपर्क हो पाया....