जगदलपुर/दरभा। बस्तर के दरभा ब्लॉक मुख्यालय में शुक्रवार को पंचायत प्रतिनिधियों का विरोध प्रदर्शन सड़क तक पहुंच गया। बस्तर क्रांतिकारी विचार मंच के बैनर तले जनपद सदस्यों और सरपंचों ने विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन किया और राष्ट्रीय राजमार्ग-30 (NH-30) पर चक्काजाम कर प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई।

विकास राशि को लेकर पंचायत प्रतिनिधियों का विरोध
प्रदर्शनकारियों ने गौण खनिज राशि में कथित अनियमितता का मुद्दा उठाया। पंचायत प्रतिनिधियों का कहना है कि राशि से जुड़े विवाद और फंड की उपलब्धता में परेशानी का असर दरभा ब्लॉक के विकास कार्यों पर पड़ रहा है। उन्होंने प्रशासन से मामले में स्थिति स्पष्ट करने और पंचायतों के विकास के लिए आवश्यक राशि उपलब्ध कराने की मांग की।

16वीं वित्त की राशि जल्द जारी करने की मांग
जनपद सदस्यों और सरपंचों ने पंचायतों के लिए 16वीं वित्त आयोग की राशि जल्द जारी करने की मांग रखी। उनका कहना है कि पंचायत स्तर पर सड़क, नाली, पेयजल और अन्य बुनियादी विकास कार्यों के लिए वित्तीय संसाधनों की जरूरत है। राशि जारी होने से लंबित कार्यों को आगे बढ़ाने में मदद मिलने की बात प्रदर्शनकारियों ने कही।image-251-1024x565.png

DMF फंड से गांवों में विकास की मांग
प्रदर्शन के दौरान DMF (District Mineral Foundation) की राशि को ग्राम पंचायत क्षेत्रों में विकास कार्यों के लिए इस्तेमाल करने की मांग भी उठी। पंचायत प्रतिनिधियों ने स्थानीय जरूरतों के मुताबिक DMF फंड से काम कराने की मांग प्रशासन के सामने रखी।

मकान टैक्स और कड़मा पंचायत का मुद्दा भी उठा
प्रदर्शनकारियों ने ग्राम पंचायत क्षेत्रों में मकान टैक्स नहीं लेने की मांग भी की। इसके अलावा दरभा ब्लॉक की कड़मा पंचायत में पैसों के कथित गबन के मामले में संबंधित ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई। इस मामले में लगाए गए आरोपों की जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग प्रदर्शनकारियों ने की।

ज्ञापन सौंपकर आंदोलन की चेतावनी
प्रदर्शन के बाद जनपद सदस्यों और सरपंचों ने प्रशासनिक अधिकारियों को अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि यदि मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आगे फिर आंदोलन किया जाएगा। NH-30 पर चक्काजाम ने एक बार फिर पंचायत स्तर पर विकास राशि और स्थानीय प्रशासन से जुड़े मुद्दों को सामने ला दिया है। अब निगाहें प्रशासन की कार्रवाई और पंचायत प्रतिनिधियों की मांगों पर होने वाले निर्णय पर हैं।