
बिलासपुर : शहर की बिगड़ती यातायात व्यवस्था और सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस अब यातायात नियमों के पालन को लेकर और सख्त होने वाली है। सोमवार को पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज रामगोपाल गर्ग ने यातायात थाना बिलासपुर का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक लेकर शहर के प्रमुख चौराहों, जाम वाले स्थानों और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की स्थिति की समीक्षा की। बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात रामगोपाल करियारे, उप पुलिस अधीक्षक यातायात शिवचरण सिंह परिहार समेत यातायात पुलिस के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
ब्लैक स्पॉट और जाम वाले स्थानों पर विशेष नजर
समीक्षा बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात ने शहर की यातायात व्यवस्था को लेकर प्रस्तुति दी। इसमें प्रमुख चौराहों, यातायात जाम वाले स्थानों और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की जानकारी रखी गई। आईजी गर्ग ने इन स्थानों की दोबारा समीक्षा कर आवश्यक सुधार की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि केवल यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि सड़क की व्यवस्था, लोगों में जागरूकता और दुर्घटना के बाद तत्काल मदद की व्यवस्था भी मजबूत होनी चाहिए।
हेलमेट को लेकर चलेगा व्यापक अभियान
सड़क दुर्घटनाओं में दोपहिया वाहन चालकों की मौत का एक बड़ा कारण सिर में गंभीर चोट लगना सामने आने के बाद आईजी ने जिलेभर में हेलमेट जागरूकता अभियान तेज करने के निर्देश दिए। स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों को हेलमेट के महत्व के बारे में बताया जाएगा। इसके साथ ही ‘हेलमेट/सीट बेल्ट लगाकर रखें, दुर्घटना से होने वाली मौतों से मुक्त रहें’ अभियान के तहत जारी मानक संचालन प्रक्रिया का व्यापक प्रचार-प्रसार करने को कहा गया है।
नाबालिग वाहन चालकों पर होगी सख्ती
नाबालिगों के वाहन चलाने पर रोक लगाने के लिए पुलिस को विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। स्कूलों, कॉलेजों, कोचिंग संस्थानों, मॉल और प्रमुख चौराहों पर जांच की जाएगी। पुलिस का उद्देश्य नाबालिगों के हाथों में वाहन पहुंचने से रोकना और सड़क हादसों को कम करना है।
हाईवे पर खड़े ट्रकों पर कार्रवाई
आईजी ने हाईवे पर अवैध और खतरनाक तरीके से खड़े ट्रकों को लेकर भी नाराजगी जताई। उन्होंने ऐसे वाहनों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई करने के निर्देश दिए, ताकि रात के समय होने वाले हादसों को रोका जा सके।
मवेशियों पर भी रहेगी नजर
शहर में सड़क पर घूमने वाले मवेशियों को लेकर भी बैठक में चर्चा हुई। यातायात पुलिस के अनुसार नेहरू चौक से हाईकोर्ट और भोजपुरी मार्ग तक मवेशियों वाले स्थानों को चिन्हित किया गया है। अब तक 10 हजार से अधिक मवेशियों को रेडियम रिफ्लेक्टिव बैंड पहनाए गए हैं और सड़कों पर 61 ‘कैटल ऑन रोड’ बोर्ड लगाए गए हैं। बेलमुंडी और रतनपुर में शेल्टर तथा हेल्पलाइन की व्यवस्था भी संचालित है। आईजी ने इस अभियान को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए, ताकि सड़क पर मवेशियों के कारण होने वाली दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके।
4-ई रणनीति पर रहेगा जोर
सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए पुलिस 4-ई रणनीति पर काम करेगी। इसमें सड़क और यातायात व्यवस्था में सुधार, लोगों को यातायात नियमों की जानकारी देना, नियमों का सख्ती से पालन कराना और दुर्घटना की स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराना शामिल है।
तीन नए यातायात थाने जल्द होंगे शुरू
बैठक में सरकंडा, तिफरा और लिंक रोड बिलासपुर में स्वीकृत तीन नए यातायात थानों को जल्द शुरू करने की प्रक्रिया की भी समीक्षा की गई। आईजी ने अधिकारियों को जरूरी कार्रवाई पूरी कर नए थानों का संचालन शीघ्र शुरू कराने के निर्देश दिए। इसके अलावा शहर के प्रमुख चौराहों पर पुलिस बल की तैनाती के लिए व्यावहारिक ड्यूटी रोस्टर तैयार करने और अधिकारियों व टीमों के बीच जिम्मेदारियों का स्पष्ट बंटवारा करने को भी कहा गया।
आईजी रामगोपाल गर्ग ने कहा कि सड़क हादसों में कमी लाना और शहरवासियों को सुरक्षित व सुगम यातायात उपलब्ध कराना पुलिस की प्राथमिकता है। इसके लिए जागरूकता अभियान के साथ नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने भी कहा कि समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देशों के आधार पर यातायात व्यवस्था को और बेहतर बनाने तथा दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए कार्रवाई की जाएगी।