बेंगलुरु। कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु से एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है। येलाहंका के पास स्थित एक रेजिडेंशियल स्कूल में पढ़ने वाले 12 वर्षीय छात्र की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद हड़कंप मच गया। मृतक के परिजनों ने स्कूल के फिजिकल एजुकेशन (PT) शिक्षक पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि उन्होंने बच्चे के साथ बेरहमी से मारपीट की, जिसके कारण उसकी मौत हुई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना के बाद स्कूल परिसर के बाहर परिजनों और स्थानीय लोगों ने विरोध-प्रदर्शन किया तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

क्या है पूरा मामला?
यह घटना बेंगलुरु के बागलूर क्षेत्र के कदयारप्पनाहल्ली गांव स्थित स्टर्लिंग इंग्लिश रेजिडेंशियल स्कूल की बताई जा रही है। मृतक छात्र छठी कक्षा में पढ़ता था और स्कूल के छात्रावास में रहकर पढ़ाई कर रहा था। बच्चे के पिता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने पीटी शिक्षक नारायण के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 101 के तहत मामला दर्ज किया है। पूरे घटनाक्रम की जांच जारी है।

परिजनों का आरोप- लोहे की रॉड से पीटा गया
मृतक के पिता का आरोप है कि पीटी शिक्षक ने उनके बेटे के साथ बुरी तरह मारपीट की। उनका दावा है कि बच्चे को कथित रूप से लोहे की रॉड से पीटा गया और उसकी गर्दन को भी जोर से मोड़ा गया, जिससे उसकी मौत हो गई। हालांकि, इन आरोपों की अभी पुलिस या पोस्टमार्टम रिपोर्ट के जरिए आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। जांच एजेंसियां सभी पहलुओं की जांच कर रही हैं।

स्कूल का दावा- जॉगिंग के दौरान गिर गया था छात्र
दूसरी ओर, स्कूल प्रबंधन ने अलग पक्ष रखा है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार, स्कूल प्रशासन का कहना है कि सुबह की शारीरिक गतिविधि के दौरान छात्र लगभग 10 मीटर दौड़ने के बाद अचानक गिर पड़ा था। स्कूल का यह भी दावा है कि छात्र को पहले से कुछ स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं थीं। पुलिस ने कहा है कि मौत के वास्तविक कारण का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर लगाया जाएगा।

सुबह अस्पताल बुलाया गया, पहुंचने तक हो चुकी थी मौत
मृतक के पिता ने बताया कि बुधवार सुबह करीब छह बजे स्कूल की ओर से उन्हें फोन कर जानकारी दी गई कि उनका बेटा अचानक बीमार हो गया है और उसे पास के अस्पताल ले जाया गया है। उन्होंने बताया कि जब वे अस्पताल पहुंचे तो उनका बेटा मृत मिला। पिता का कहना है कि स्कूल द्वारा बताई गई घटना और बच्चे की हालत में कई सवाल खड़े होते हैं, इसलिए मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

परिवार ने लगाए गंभीर आरोप
परिजनों का आरोप है कि स्कूल के भीतर जो कुछ हुआ, उसकी पूरी जानकारी उन्हें नहीं दी गई। उनका कहना है कि उन्हें बाद में अन्य लोगों से पता चला कि पीटी शिक्षक और छात्र के बीच कथित रूप से मारपीट हुई थी। परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि मामले में पूरी सच्चाई सामने लाने के बजाय कुछ लोगों द्वारा तथ्यों को छिपाने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

पुलिस जुटी साक्ष्य जुटाने में
मामले की जांच कर रहे अधिकारियों ने बताया कि संबंधित पीटी शिक्षक को नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया गया है। साथ ही स्कूल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग भी जब्त की जा रही है। पुलिस स्कूल के शिक्षकों, छात्रावास कर्मचारियों, अन्य विद्यार्थियों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी दर्ज कर रही है, ताकि घटनाक्रम की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सके। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक जांच और उपलब्ध इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट होगी अहम
पुलिस के अनुसार, छात्र की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसका अंतिम निष्कर्ष पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा। यदि जांच में मारपीट या किसी अन्य आपराधिक कृत्य की पुष्टि होती है, तो उसके अनुरूप आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल यह मामला जांच के अधीन है और पुलिस सभी संभावित पहलुओं की पड़ताल कर रही है। वहीं, घटना के बाद स्कूल में सुरक्षा व्यवस्था, छात्रों की निगरानी और शिक्षकों के व्यवहार को लेकर भी कई सवाल उठने लगे हैं।