
सरगुजा। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में गौवंश तस्करी का सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा है। बतौली क्षेत्र में महज 48 घंटे के भीतर गौवंश से भरे दो वाहन पकड़े जाने से इलाके में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों की सतर्कता के चलते एक पिकअप और एक स्कॉर्पियो को पकड़ा गया। पिकअप से 11 गौवंश बरामद हुए, जिनमें से दो की दम घुटने और रस्सी में फंसने से मौत हो गई, जबकि अन्य गौवंशों को सुरक्षित निकालकर उपचार कराया गया।
पंचर हुई पिकअप ने खोली तस्करी की पोल
शनिवार सुबह चेऊरपानी-टीकरंग मार्ग पर ग्रामीणों की नजर एक संदिग्ध पिकअप वाहन पर पड़ी। वाहन का टायर पंचर होने के कारण चालक उसे मौके पर छोड़कर फरार हो गया था। ग्रामीणों ने तत्काल डायल-112 पुलिस को सूचना दी।
पुलिस की मौजूदगी में जब वाहन से तिरपाल हटाया गया तो अंदर का दृश्य देखकर सभी हैरान रह गए। पिकअप में 11 गाय-बछड़ों को बेरहमी से रस्सियों से बांधकर ठूंस-ठूंसकर भरा गया था, जिससे कई गौवंश गंभीर हालत में थे।
दो गौवंश की मौत, बाकी को बचाया गया
ग्रामीण सुरेश पैकरा, संजीत, भोठन, गणेश और अन्य लोगों ने मिलकर रस्सियां काटीं और गौवंशों को बाहर निकाला। इस दौरान तीन गौवंश भाग निकले, जबकि दो की पहले ही मौत हो चुकी थी। शेष छह गौवंशों का पशु चिकित्सकों की टीम ने मौके पर उपचार किया। पुलिस ने झारखंड नंबर JH-01-FX-4982 पिकअप वाहन को जब्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
देर रात स्कॉर्पियो में भी मिला गौवंश
इसी दिन देर रात बतौली चौक पर ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस ने एक संदिग्ध स्कॉर्पियो वाहन को घेर लिया। वाहन में एक गौवंश को बांधकर ले जाया जा रहा था। हालांकि पुलिस के पहुंचने से पहले वाहन में सवार तीन युवक अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए।
पुलिस ने स्कॉर्पियो को जब्त कर लिया है। वाहन पर लगे झारखंड के पंजीकरण नंबर और अंदर मिले ओडिशा से जुड़े दस्तावेजों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
"वाहन खराब होने पर ही खुल रहा तस्करी का खेल"
स्थानीय ग्रामीणों का दावा है कि बतौली क्षेत्र में अब तक गौवंश से भरे पांच वाहन पकड़े जा चुके हैं, जिनमें तीन पिकअप, एक बोलेरो और एक स्कॉर्पियो शामिल हैं। उनका आरोप है कि अधिकांश मामलों में वाहन खराब होने या दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद ही तस्करी का खुलासा हो पाता है, जिससे पूरे नेटवर्क की सक्रियता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
NH-43 पर सक्रिय होने की आशंका
ग्रामीणों का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग-43 के कांतिप्रकाशपुर क्षेत्र से पिछले एक महीने में बड़ी संख्या में गौवंश की अवैध ढुलाई होने की आशंका है। आरोप है कि गांवों और सड़कों पर मिले लावारिस गौवंशों को वाहनों में भरकर दूसरे राज्यों की ओर ले जाया जा रहा है। हालांकि भय के कारण कई लोग शिकायत दर्ज कराने से बचते हैं।
ग्रामीणों की मांग—पूरे नेटवर्क का हो पर्दाफाश
लगातार सामने आ रहे मामलों के बाद ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से तस्करों, वाहन मालिकों और इस अवैध कारोबार से जुड़े पूरे गिरोह के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल, पुलिस दोनों मामलों की जांच में जुटी है और फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है।