बिलासपुर : पूर्व राज्यसभा सदस्य और भाजपा नेत्री सरोज पांडेय के निर्वाचन को चुनौती देने वाली वर्ष 2018 की चुनाव याचिका एक बार फिर चर्चा में है। इस बार मामला उनके यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के खाते की जानकारी से जुड़ा है। बिलासपुर हाई कोर्ट ने कहा है कि यदि सरोज पांडेय की ओर से जवाब दाखिल नहीं किया जाता है, तो बैंक खाते का विवरण पेश कराने संबंधी आवेदन पर सुनवाई की जाएगी। मामले में अगली सुनवाई के लिए 16 अक्टूबर की तारीख तय की गई है। यह चुनाव याचिका कांग्रेस प्रत्याशी लेखराम साहू ने राज्यसभा चुनाव में पराजित होने के बाद दायर की थी। उन्होंने सरोज पांडेय के निर्वाचन को चुनौती देते हुए नामांकन पत्र में आवासीय पता और बैंक खाते से जुड़ी जानकारी छिपाने सहित कई गंभीर आरोप लगाए हैं।

अब बैंक खाते की जानकारी पर टिकी नजर

चुनाव याचिका की सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट पहले ही यह मुद्दा तय कर चुका है कि नामांकन पत्र में कथित तौर पर आवासीय पता और यूनियन बैंक खाते की जानकारी नहीं देना क्या चुनाव परिणाम को प्रभावित करने वाला तथ्य था। याचिकाकर्ता की ओर से गवाही पूरी कराई जा चुकी है। वर्ष 2024 और 2025 के दौरान कई गवाहों को कोर्ट में बुलाकर उनके बयान दर्ज किए गए। इनमें यूनियन बैंक के रायपुर क्षेत्र के तत्कालीन क्षेत्रीय प्रमुख अनूप कुमार सिंह की गवाही और जिरह भी शामिल रही। इसके बाद निर्वाचन अधिकारी और विधानसभा से जुड़े अधिकारियों को भी गवाही के लिए बुलाया गया।

जून में बंद हो चुका है सरोज पांडेय का साक्ष्य

मामले में जून 2026 में सरोज पांडेय की ओर से साक्ष्य पेश नहीं किए जाने पर उनका साक्ष्य बंद कर दिया गया था। इसके बाद प्रकरण बहस के लिए लगाया गया। अब बैंक खाते का विवरण पेश कराने की मांग वाली अर्जी ने मामले को फिर महत्वपूर्ण मोड़ पर ला दिया है। 26 सितंबर की सुनवाई में याचिकाकर्ता लेखराम साहू की ओर से कोई उपस्थित नहीं था, जबकि सरोज पांडेय की ओर से अधिवक्ता सोमदत्त साहू उपस्थित हुए। कोर्ट ने जवाब दाखिल नहीं होने की स्थिति में आवेदन पर आगे सुनवाई के लिए 16 अक्टूबर की तारीख तय की है।

11 गवाह बनाम 9 गवाह, फिर बदली सुनवाई की बेंच

सुनवाई के दौरान लेखराम साहू की ओर से 11 गवाहों की सूची पेश की गई थी, जबकि बचाव पक्ष की ओर से 9 गवाहों की सूची दी गई थी। इसी दौरान जस्टिस संजय के अग्रवाल ने निजी कारणों से मामले की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया था। इसके बाद प्रकरण जस्टिस पी सैम कोशी की बेंच में रखा गया।

पते से लेकर बैंक खाते तक लगाए आरोप

लेखराम साहू ने अपनी चुनाव याचिका में आरोप लगाया है कि सरोज पांडेय ने राज्यसभा चुनाव के नामांकन के समय निर्वाचन आयोग के समक्ष गलत शपथपत्र प्रस्तुत किया। याचिका के मुताबिक, शपथपत्र में उन्होंने अपना पता मैत्री नगर, भिलाई बताया था और दुर्ग शहर की मतदाता सूची में भाग क्रमांक 166 तथा मतदाता क्रमांक 428 का उल्लेख किया था। याचिका में दावा किया गया है कि मैत्री नगर भिलाई, दुर्ग ग्रामीण क्षेत्र में आता है, जहां उनके पिता रहते हैं। वहीं सरोज पांडेय के दुर्ग शहर के जल विहार परिसर स्थित पीएचई बंगले में रहने को लेकर भी आरोप लगाए हैं। याचिका में आरोप है कि यह बंगला राजेश मूणत के नाम पर आवंटित था। हालांकि, सरोज पांडेय की ओर से जल परिसर से संबंधित अलग जानकारी प्रस्तुत किए जाने की बात कही गई है।

प्रस्तावकों की वैधता पर भी उठी थी आपत्ति

याचिका में यह भी आरोप लगाया गया कि सरोज पांडेय के नामांकन पत्र पर भाजपा के 11 विधायकों ने हस्ताक्षर किए थे और याचिकाकर्ता ने इन विधायकों के लाभ के पद पर होने का हवाला देते हुए उनके प्रस्तावक और समर्थक बनने की संवैधानिकता को चुनौती दी। इसके अलावा स्थायी पता और बैंक अकाउंट नंबर छिपाने का आरोप भी चुनाव याचिका में लगाया गया है। अब बैंक खाते से जुड़ी जानकारी अदालत के रिकॉर्ड पर आएगी या नहीं? 16 अक्टूबर की सुनवाई अहम कड़ी मानी जा रही है।