बिलासपुर। रेलवे स्टेशन पर नशे की खेप लेकर ट्रेन का इंतजार कर रहे एक युवक को जीआरपी ने गिरफ्तार किया है। प्लेटफॉर्म नंबर 7 और 8 पर की गई कार्रवाई के दौरान आरोपी के बैग से 12 किलो 950 ग्राम गांजा बरामद हुआ। जब्त गांजे की अनुमानित कीमत करीब 6 लाख 47 हजार 500 रुपये बताई गई है। प्रारंभिक पूछताछ में गांजे को जबलपुर ले जाने की बात सामने आई है।

मुखबिर की सूचना पर स्टेशन पहुंची GRP की टीम
जीआरपी को सूचना मिली थी कि रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 7 और 8 के आसपास एक युवक संदिग्ध बैग के साथ मौजूद है। बताया गया था कि वह कुछ समय बाद ट्रेन से जबलपुर जाने वाला है और उसके पास मादक पदार्थ हो सकता है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए रेलवे स्टेशन थाना प्रभारी और एसआई के नेतृत्व में टीम तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने संदिग्ध युवक की पहचान कर उसकी घेराबंदी की और उसे हिरासत में ले लिया।

बैग की तलाशी में निकली गांजे की बड़ी खेप
पुलिस के मुताबिक, आरोपी के बैग की तलाशी लेने पर उसमें गांजा मिला। वजन कराने पर कुल 12 किलो 950 ग्राम गांजा बरामद हुआ। इसके बाद आरोपी को गिरफ्तार कर मादक पदार्थ को जब्त कर लिया गया। पूछताछ में आरोपी की पहचान 33 वर्षीय दीपक गुप्ता, निवासी टिकुरिया टोला, जिला सतना, मध्यप्रदेश के रूप में हुई है।

जबलपुर ले जाने की तैयारी में था आरोपी
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने खुद को वेंडर बताया है। पुलिस के अनुसार, उसने गांजे को जबलपुर ले जाने की बात कही है। आरोपी का दावा है कि उसे प्लेटफॉर्म पर किसी अन्य व्यक्ति ने गांजा उपलब्ध कराया था। पूछताछ में जबलपुर में भी किसी व्यक्ति से गांजा लेने की बात सामने आने के बाद पुलिस अब पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। हालांकि, गांजे की सप्लाई वास्तव में किस नेटवर्क से जुड़ी है, इसका खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा।

मोबाइल से खुलेगा सप्लाई नेटवर्क का राज?
जीआरपी ने आरोपी का मोबाइल फोन भी जब्त किया है। अब पुलिस मोबाइल में मौजूद संपर्कों और अन्य जानकारियों की जांच कर रही है। जांच का मुख्य फोकस इस बात पर है कि आरोपी अकेले गांजा लेकर जा रहा था या उसके पीछे कोई बड़ा सप्लाई नेटवर्क सक्रिय है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि स्टेशन पर आरोपी को गांजा देने वाला व्यक्ति कौन था और जबलपुर में यह खेप किस तक पहुंचाई जानी थी।

NDPS Act के तहत कार्रवाई
मामले में जीआरपी ने आरोपी के खिलाफ NDPS Act के तहत प्रकरण दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। बरामद गांजे की कीमत लाखों रुपये होने के कारण पुलिस इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आगे की जांच कर रही है। अब जांच एजेंसियों की नजर उन लोगों तक पहुंचने पर है, जिनके जरिए यह मादक पदार्थ बिलासपुर तक पहुंचा और जिसे आगे जबलपुर ले जाने की तैयारी थी।