
बालोद : जंगल में पड़ी सड़ी-गली लाश, मृतका की कोई पहचान नहीं और पुलिस के सामने एक ऐसा ब्लाइंड मर्डर, जिसमें सुराग तलाशना बड़ी चुनौती था। लेकिन हाथ पर बना ‘केके’ टैटू ने पूरे हत्याकांड का राज खोल दिया। पुलिस की वैज्ञानिक और तकनीकी जांच के बाद आरोपी प्रेमी तक पहुंची और अब कोर्ट ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
मामला डौंडीलोहारा थाना क्षेत्र के ग्राम गुरामी डैम के पास जंगल का है। 24 जनवरी 2026 को यहां एक महिला की सड़ी-गली लाश बरामद हुई थी। शव करीब एक सप्ताह पुराना होने के कारण उसकी पहचान करना पुलिस के लिए बेहद मुश्किल था। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों की जांच के दौरान पुलिस की नजर मृतका के हाथ पर बने अंग्रेजी अक्षरों ‘केके’ के टैटू पर पड़ी। पुलिस ने इसी टैटू को पहचान की अहम कड़ी बनाया और तकनीकी व मैदानी जांच शुरू की।
टैटू से हुई मृतका की पहचान
लगातार जांच और प्रयास के बाद पुलिस ने मृतका की पहचान बालोद के ग्राम पाररास निवासी 35 वर्षीय कमला राजपूत के रूप में की। पहचान सामने आते ही पुलिस ने मृतका के संपर्कों, मोबाइल गतिविधियों और उसके साथ जुड़े लोगों की पड़ताल शुरू कर दी। जांच में पुलिस को पता चला कि कमला का संपर्क ग्राम तरौद निवासी 29 वर्षीय नेमीचंद साहू से था। पुलिस ने नेमीचंद से पूछताछ की तो घटनाक्रम की साडी परतें खुलती गई।
पहले शराब पी, फिर मोबाइल को लेकर हुआ विवाद
पुलिस के अनुसार, 16 जनवरी को कमला नेमीचंद के साथ डौंडीलोहारा घूमने गई थी। दोनों गुरामी डैम के पास जंगल पहुंचे। वहां नेमीचंद ने शराब पी। नशे की हालत में उसने कमला का मोबाइल खंगाला। मोबाइल में दूसरे लोगों से संपर्क की जानकारी मिलने के बाद दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया। बताया गया कि नेमीचंद कमला पर शादी करने का दबाव बनाने लगा। कमला के बार-बार इनकार करने पर विवाद बढ़ गया।
गला दबाया, फिर पत्थर से कुचल दिया सिर
पुलिस जांच के अनुसार, विवाद के दौरान आरोपी ने कमला का गला दबा दिया, जिससे वह बेहोश हो गई। इसके बाद आरोपी उसे घसीटकर जंगल के अंदर ले गया। वहां सिर पर पत्थर से वार कर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपी ने शव के ऊपर पत्थर रख दिया और मौके से फरार हो गया। जंगल में पड़ा शव कई दिनों बाद पुलिस को मिला, जिसके बाद इस ब्लाइंड मर्डर की जांच शुरू हुई।
कड़ी से कड़ी जुड़ती गई, आखिरकार मिल गया हत्यारा
मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्कालीन थाना प्रभारी निरीक्षक मुकेश सिंह के निर्देशन में थाना पुलिस और साइबर सेल की टीम ने जांच तेज की। घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण करने के साथ भौतिक एवं परिस्थितिजन्य साक्ष्य जुटाए गए। तकनीकी जानकारी, वैज्ञानिक जांच और मैदानी पूछताछ को आपस में जोड़ते हुए पुलिस आरोपी तक पहुंची। पूछताछ के दौरान आरोपी ने हत्या की वारदात कबूल की। पुलिस ने मामले में अपराध क्रमांक 19/26 के तहत धारा 103(1), 238 भारतीय न्याय संहिता (BNS) में प्रकरण दर्ज किया था
कोर्ट ने सुनाई प्रेमी को उम्रकैद की सजा
मामले की सुनवाई के बाद माननीय डीजे न्यायालय ने आरोपी नेमीचंद साहू को हत्या के मामले में दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा से सुनाई हैं।