-1778484535861_v.webp)
चड़ीगढ़: पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में आज चर्चित डॉक्यूमेंट्री ‘लॉरेंस ऑफ पंजाब’ को लेकर हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि डॉक्यूमेंट्री की सामग्री से ज्यादा उसका शीर्षक विवाद का कारण बन रहा है। कोर्ट ने साफ किया कि उसने पूरी डॉक्यूमेंट्री देखी है और प्रथम दृष्टया इसमें ऐसी कोई गंभीर आपत्तिजनक सामग्री नहीं मिली, लेकिन लॉरेंस बिश्नोई के नाम का इस्तेमाल शीर्षक में करना संवेदनशील माना जा सकता है।
सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने जी एंटरटेनमेंट को सुझाव दिया कि यदि डॉक्यूमेंट्री के नाम से ‘लॉरेंस’ शब्द हटाकर नया शीर्षक दिया जाए तो अदालत को ज्यादा आपत्ति नहीं होगी। कोर्ट की टिप्पणी के बाद कंपनी की ओर से पेश वकीलों ने कहा कि निर्माता पक्ष टाइटल बदलने के लिए तैयार है और जल्द नया नाम अदालत के सामने रखा जाएगा। इस घटनाक्रम के बाद मामला केवल कंटेंट नहीं, बल्कि अपराध और क्षेत्रीय पहचान को लेकर मीडिया प्रस्तुति की बहस का विषय बन गया है।
वहीं पंजाब सरकार ने भी मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि डॉक्यूमेंट्री के शीर्षक से केवल लॉरेंस ही नहीं, बल्कि ‘पंजाब’ शब्द भी हटाया जाना चाहिए। राज्य सरकार का तर्क था कि पंजाब के नाम को इस तरह विवादित आपराधिक संदर्भ से जोड़ना राज्य की छवि को प्रभावित कर सकता है। अदालत ने जी एंटरटेनमेंट को दोपहर 2:30 बजे तक संशोधित शीर्षक प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि डॉक्यूमेंट्री का नया नाम क्या होगा और अदालत इस मामले में आगे क्या रुख अपनाती है।