रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक (अपेक्स बैंक) की बरमकेला शाखा में सामने आए 18.13 करोड़ रुपये के कथित गबन मामले में बैंक प्रबंधन ने बड़ी कार्रवाई की है। प्रारंभिक जांच में वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों के बाद शाखा के प्रबंधक, लेखाधिकारी और लिपिक सहित कुल आठ कर्मचारियों को सेवा से हटा दिया गया है। बैंक प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि मामले में संलिप्त पाए गए कर्मचारियों से गबन की राशि की वसूली भी की जाएगी। यह मामला सहकारी बैंकिंग व्यवस्था की निगरानी और आंतरिक नियंत्रण पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

जांच के अनुसार, अप्रैल 2021 से नवंबर 2024 के बीच बरमकेला शाखा से जुड़े समिति खातों और डीएमआर खातों में नियमों के विपरीत लेन-देन किए गए। आरोप है कि फर्जी ट्रांजेक्शन और अनधिकृत नकद निकासी के जरिए करीब 18.13 करोड़ रुपये का गबन किया गया। बैंक ने इस मामले में शामिल आठ कर्मचारियों के खिलाफ 4 मई 2025 को बरमकेला थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। इसके बाद विशेष ऑडिट और उच्च स्तरीय जांच कर कार्रवाई की गई।

बैंक के प्राधिकृत अधिकारी केदार नाथ गुप्ता ने बताया कि वित्तीय अनियमितताओं पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की नीति अपनाई गई है। उन्होंने कहा कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए बैंकिंग प्रणाली को और मजबूत किया जा रहा है। जांच एजेंसियां अब लेन-देन के रिकॉर्ड और अन्य वित्तीय दस्तावेजों की भी विस्तृत पड़ताल कर रही हैं।

इसी बीच सहकारिता विभाग ने अपेक्स बैंक और जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों में 1451 समिति प्रबंधक (नवीन संवर्ग) के पदों पर भर्ती की सैद्धांतिक मंजूरी दी है। साथ ही किसानों के नाम पर फर्जी ऋण वितरण और गबन जैसी अनियमितताओं पर रोक लगाने के लिए नया सॉफ्टवेयर लागू किया गया है। ई-केसीसी पोर्टल के जरिए बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद ही ऋण वितरण की व्यवस्था की जा रही है। बैंक प्रबंधन का दावा है कि इन सुधारों से पारदर्शिता बढ़ेगी और भविष्य में इस तरह की वित्तीय गड़बड़ियों पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा।