
कबीरधाम : ट्रक पलटने की घटना को हादसे का रूप देकर 33.290 मीट्रिक टन स्टील स्क्रैप गायब करने की साजिश रची गई थी। हरियाणा से ओडिशा जा रहे ट्रक को चिल्फी घाटी में पलटाकर उसमें लोड स्क्रैप की हेराफेरी की गई। इस सुनियोजित साजिश का मुख्य आरोपी रमाकांत उर्फ मोनू पाण्डेय (35) घटना के बाद से ही फरार था। करीब चार साल तक पुलिस को चकमा देने के बाद आखिरकार वह गाजियाबाद में पुलिस के हत्थे चढ़ गया।
हादसे की आड़ में गायब कर दिया 33 टन माल
मामला 30 अगस्त 2022 का है। राजस्थान नंबर के ट्रक क्रमांक आरजे 05 जीबी 5730 में हरियाणा के रोहतक से 33.290 मीट्रिक टन स्टील स्क्रैप लोड कर टाटा स्टील, कलिंग नगर (ओडिशा) भेजा गया था। कंपनी ने ट्रक का 94 हजार रुपये किराया भी वाहन मालिक के बैंक खाते में जमा करा दिया था। लेकिन तय समय पर ट्रक अपनी मंजिल तक नहीं पहुंचा। कंपनी ने पतासाजी शुरू की तो चिल्फी घाटी में ट्रक दुर्घटनाग्रस्त हालत में लावारिस मिला। जांच में जो खुलासा हुआ, उसने पूरे मामले को संदिग्ध बना दिया। ट्रक में लोड 33.290 टन स्क्रैप में से महज 8 टन ही बचा था, जबकि बाकी माल गायब था।
तीन आरोपी पहले पकड़े गए, मास्टरमाइंड चार साल तक रहा फरार
पुलिस की जांच में हिमांशु राजपूत, धर्मेंद्र कुमार और पवन राजपूत की भूमिका सामने आई। पुलिस ने तीनों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। पूछताछ और जांच में रमाकांत उर्फ मोनू पाण्डेय को पूरी साजिश का मुख्य सूत्रधार बताया गया। घटना के बाद से ही वह फरार था और लगातार ठिकाने बदलकर गिरफ्तारी से बच रहा था।
घेराबंदी कर गाजियाबाद से किया गिरफ्तार
लंबे समय से फरार आरोपी तक पहुंचने के लिए पुलिस ने साइबर सेल की मदद से उसके संभावित ठिकानों और गतिविधियों की जानकारी जुटाई। इसी सुराग के आधार पर पुलिस टीम ने यूपी के गाजियाबाद स्थित साहिबाबाद थाना क्षेत्र के वृंदावन गार्डन में दबिश दी और मोनू पाण्डेय को गिरफ्तार कर लिया। स्थानीय न्यायालय से दो दिन का ट्रांजिट रिमांड लेकर पुलिस उसे कबीरधाम लाई। पूछताछ और बयान दर्ज करने के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।