
बिलासपुर : सिर पर अपनी छत का सपना… सरकारी योजना से मकान बनाने की उम्मीद… और जब अधूरे घर को पूरा करने की बारी आई, तो निर्माण पर ही रोक लग गई। शहर से लगे ग्राम पंचायत ढेका में सरकारी आबादी की जमीन को लेकर ऐसा ही विवाद सामने आया है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृत मकानों का निर्माण रुकने से परेशान मां-बेटी ने नायब तहसीलदार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने कलेक्टर और एसडीएम से शिकायत कर मामले की निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है।
मामला खसरा नंबर 41/22 और 41/26 की जमीन से जुड़ा है। ढेका निवासी अंबालिका सिंह और विमला सिंह का दावा है कि संबंधित जमीन सरकारी आबादी की है और उस पर उनका कई वर्षों से कब्जा है। इसी आधार पर ग्राम पंचायत और जनपद पंचायत ने वर्ष 2018 में उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान निर्माण के लिए राशि स्वीकृत की थी। वर्ष 2023-24 में निर्माण शुरू हुआ, लेकिन पहली किश्त के बाद दूसरी किश्त नहीं मिलने से काम ठप हो गया। अब दूसरी किश्त मिलने पर उन्होंने दोबारा निर्माण शुरू किया, तो विवाद ने नया मोड़ ले लिया।
दूसरी किश्त मिली तो निर्माण पर लगा ब्रेक
मां-बेटी का आरोप है कि लंबे इंतजार के बाद दूसरी किश्त जारी हुई, जिससे उन्हें अधूरे मकान पूरे होने की उम्मीद जगी थी। लेकिन इसी दौरान जमीन पर दूसरे पक्ष की आपत्ति के बाद निर्माण रोकने का आदेश जारी कर दिया गया। शिकायतकर्ताओं के अनुसार नायब तहसीलदार विनिता शर्मा ने विवादित जमीन पर बन रहे प्रधानमंत्री आवास योजना के मकानों के निर्माण पर रोक लगा दी। इससे उनके मकान फिर अधूरे रह गए हैं।
पहले की जांच में कब्जा मिलने का दावा
अंबालिका सिंह और विमला सिंह का कहना है कि इस जमीन को लेकर राजस्व विभाग पहले भी जांच कर चुका है। उनके अनुसार तत्कालीन तहसीलदार ने मौके पर जांच की, जिसमे उनका कब्जा पाया गया था। शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि राजस्व अधिकारियों ने रिकॉर्ड में उनके नाम दर्ज करने की सिफारिश की थी।
70 एकड़ जमीन के मालिक की आपत्ति से बढ़ा विवाद
शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि भूपेंद्र सिंह गांधी गांव में नहीं रहने हिं इसके बाद भी आपत्ति लगा कर कार्रवाई तेज कर दी। भूपेंद्र सिंह गांधी ने दोबारा जांच के लिए आवेदन दिया था, जिसके बाद मामले की जिम्मेदारी नायब तहसीलदार विनिता शर्मा को सौंपी गई। मां-बेटी का आरोप है कि मौके का निरीक्षण करने के दौरान आसपास के लोगों से समुचित पूछताछ नहीं की गई। उन्हें आशंका है कि जांच में एक पक्ष को अनुचित लाभ मिल सकता है। दोनों शिकायतकर्ताओं ने कलेक्टर और एसडीएम को आवेदन देकर मांग की है कि मामले की जांच मौजूदा नायब तहसीलदार के बजाय किसी अन्य अधिकारी से कराई जाए। उनका कहना है कि निष्पक्ष जांच से जमीन पर वास्तविक कब्जे, भू-स्वामी योजना के तहत किए जा रहे दावों और प्रधानमंत्री आवास योजना के मकानों का निर्माण रोकने के आधार की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
नायब तहसीलदार: दोनों पक्षों ने किया दावा
नायब तहसीलदार विनिता शर्मा के अनुसार ग्राम पंचायत ढेका की विवादित जमीन पर अंबालिका सिंह, विमला सिंह और भूपेंद्र सिंह गांधी ने अपने-अपने दावे किए हैं। भूपेंद्र सिंह गांधी ने भू-स्वामी योजना के तहत सरकारी आबादी की जमीन पर दावा करते हुए कब्जे से संबंधित दस्तावेज भी प्रस्तुत किए हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हो रहे निर्माण पर आपत्ति जताई थी। विनिता शर्मा के अनुसार, विवाद न्यायालय में विचाराधीन है और दोनों पक्षों से जवाब मांगा गया है। निर्माण रोकने के लिए आवेदन मिलने के बाद नियमानुसार स्थगन आदेश जारी किया गया है।
एसडीएम: शिकायत मिली तो होगी जांच
एसडीएम आकांक्षा त्रिपाठी ने कहा कि फिलहाल उन्हें इस मामले की जानकारी नहीं है। यदि शिकायत प्राप्त हुई है, तो उसकी जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृत मकानों का निर्माण क्यों रोका गया है, इसकी जानकारी भी ली जाएगी।