
रायपुर। छत्तीसगढ़ के अबूझमाड़ इलाके में सरकारी पट्टा (भू-स्वामित्व अधिकार) पाने की होड़ में हो रही जंगलों की भारी कटाई पर राज्य सरकार पूरी तरह से सख्त हो गई है। लगातार आ रही मीडिया खबरों और खुलासों के बाद वन मंत्री केदार कश्यप ने खुद इस पूरे मामले की विस्तृत जानकारी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सीएम साय ने तुरंत कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने मुख्य सचिव विकासशील को निर्देश दिए हैं कि इस मामले में तत्काल एक उच्च स्तरीय जांच समिति बनाई जाए। मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि है कि जंगल काटने वाले दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए और इस मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
आपको बता दें कि 4400 वर्ग किलोमीटर के बड़े इलाके में फैला अबूझमाड़ इसी साल 31 मार्च को नक्सल मुक्त हुआ है। लेकिन नक्सल मुक्त होने के बाद से ही यहां हालात बदल गए। मार्च-अप्रैल के महीने से ही पट्टे के लालच में गांव-गांव में पेड़ों की कटाई शुरू हो गई। चौंकाने वाली बात यह है कि स्थानीय आदिवासियों के साथ-साथ बाहरी लोग भी यहां पहुंच गए हैं और कई-कई एकड़ का हरा-भरा जंगल साफ कर चुके हैं। लोग यह सोचकर पेड़ काट रहे हैं कि जमीन खाली करने पर उन्हें सरकार की तरफ से उस जमीन का पट्टा मिल जाएगा।
इस पूरे मामले में कार्रवाई करने में सबसे बड़ी दिक्कत यह आ रही थी कि आजादी के बाद से आज तक अबूझमाड़ इलाके का कभी कोई सर्वे ही नहीं हुआ है। यह इलाका अब तक अन-सर्वेक्षित रहा है। सर्वे न होने की वजह से शासन-प्रशासन और वन विभाग के पास यहां का कोई रिकॉर्ड नहीं है। इसी वजह से कटाई करने वालों पर सीधे तौर पर कार्रवाई करने में अधिकारियों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। लेकिन अब सरकार ने कटाई रोकने और इस स्थिति को पूरी तरह से बदलने का फैसला कर लिया है।
शनिवार को जगदलपुर के सर्किट हाउस में प्रेस कांफ्रेंस के दौरान वन मंत्री केदार कश्यप ने बताया कि अब इलाके में तेजी से वैज्ञानिक आधार पर सर्वे का काम कराया जा रहा है। सरकार अब व्यवस्थित तरीके से सर्वे करा रही है ताकि पूरे अबूझमाड़ का सटीक भू-डाटा तैयार हो सके। वन मंत्री ने बताया कि एक बार यह डाटा तैयार हो जाए, तो अवैध कटाई, जमीन पर अतिक्रमण और सड़क निर्माण जैसी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा। इससे वन संपदा की सुरक्षा पक्की हो जाएगी।
इसके साथ ही सरकार ने आम लोगों से भी अपील की है कि अगर किसी को भी कहीं भी जंगल कटाई की कोई जानकारी मिलती है, तो वे तुरंत शासन-प्रशासन को इसकी सूचना दें। कुल मिलाकर, अबूझमाड़ के जंगलों को बचाने के लिए सरकार अब पूरी तरह से एक्शन में आ चुकी है।