
कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में चुनावी माहौल लगातार गर्म होता जा रहा है। इसी कड़ी में केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने कोलकाता के भवानीपुर क्षेत्र से बड़ा राजनीतिक संदेश देते हुए राज्य की सत्तारूढ़ सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि इस बार बंगाल में सत्ता परिवर्तन तय है और जनता बदलाव के मूड में है।
भवानीपुर से सीधा मुकाबला, रोड शो में उमड़ा जनसैलाब
Kolkata के भवानीपुर इलाके में आयोजित रोड शो के दौरान बड़ी संख्या में समर्थक सड़कों पर उतर आए। कार्यक्रम हाजरा मोड़ से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए आगे बढ़ा। इस दौरान भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ देखने को मिली, जिसने चुनावी माहौल को और गर्म कर दिया।
‘दीदी को उनके गढ़ में चुनौती’, शाह का सीधा वार
अपने संबोधन में Amit Shah ने मुख्यमंत्री Mamata Banerjee पर निशाना साधते हुए कहा कि अब उनका राजनीतिक गढ़ भी सुरक्षित नहीं रहा। उन्होंने कहा कि अगर भवानीपुर में बदलाव होता है, तो इसका असर पूरे बंगाल की राजनीति पर पड़ेगा और व्यापक परिवर्तन देखने को मिलेगा।
सुवेंदु अधिकारी के नामांकन से पहले शक्ति प्रदर्शन
भाजपा की ओर से Suvendu Adhikari को भवानीपुर सीट से उम्मीदवार बनाया गया है। उनके नामांकन से पहले इस रोड शो को शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है। शाह ने कहा कि पार्टी का लक्ष्य केवल एक सीट जीतना नहीं, बल्कि पूरे राज्य में राजनीतिक संतुलन बदलना है।
15 दिन बंगाल में डेरा डालने का ऐलान
चुनावी रणनीति को धार देने के लिए Amit Shah ने ऐलान किया कि वह आगामी चुनावों के दौरान करीब 15 दिन तक बंगाल में ही रहेंगे। इस दौरान वे विभिन्न क्षेत्रों में सभाएं और रोड शो कर पार्टी के पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश करेंगे।
कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार पर हमला
अपने भाषण में शाह ने राज्य सरकार पर कानून-व्यवस्था, भ्रष्टाचार और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि राज्य की जनता इन समस्याओं से परेशान है और अब बदलाव चाहती है।
सीमा सुरक्षा और घुसपैठ बना बड़ा मुद्दा
भाजपा के एजेंडे को स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि यदि राज्य में उनकी सरकार बनती है, तो अंतरराष्ट्रीय सीमाओं को मजबूत किया जाएगा और अवैध घुसपैठ पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह मुद्दा भी चुनावी बहस का केंद्र बनता नजर आ रहा है।
चुनावी समीकरण पर सबकी नजर
भवानीपुर सीट को इस बार बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि यहां का परिणाम पूरे राज्य की राजनीति को प्रभावित कर सकता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह चुनाव केवल सीट का नहीं, बल्कि प्रतिष्ठा का मुकाबला बन चुका है।




