नई दिल्ली। केंद्र सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बीच जारी बातचीत के बाद छात्र आंदोलन से जुड़े मामलों को लेकर बड़ा दावा सामने आया है। CJP ने कहा है कि केंद्र सरकार के साथ हुई अहम बैठक में बिहार और असम में प्रदर्शनकारी छात्रों व आयोजकों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की प्रक्रिया पर सहमति बनी है। हालांकि, इस दावे पर सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक सार्वजनिक पुष्टि सामने नहीं आई है।

बैठक के बाद CJP ने किया बड़ा दावा
बैठक के बाद CJP के प्रवक्ता सौरभ दास ने कहा कि सरकार को छात्रों के खिलाफ दर्ज एफआईआर और पुलिस कार्रवाई का विस्तृत ब्योरा सौंप दिया गया है। उनके अनुसार, केंद्र ने अपनी कानूनी टीम और संबंधित राज्य प्रशासन को मामलों की समीक्षा कर निर्दोष छात्रों के खिलाफ दर्ज केस वापस लेने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं।

दोबारा आंदोलन की चेतावनी के बाद हुई वार्ता
इससे पहले CJP नेता आशुतोष रांका और प्रवक्ता सौरभ दास ने आरोप लगाया था कि 25 जुलाई को हुए समझौते का पालन नहीं किया गया। पार्टी ने चेतावनी दी थी कि अगर बिहार, असम, पश्चिम बंगाल और दिल्ली में गिरफ्तार छात्रों की रिहाई और उनके खिलाफ दर्ज मामलों को समाप्त नहीं किया गया, तो देशव्यापी आंदोलन फिर शुरू किया जाएगा। इसके बाद केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों और CJP के प्रतिनिधिमंडल के बीच बैठक आयोजित की गई।