बिलासपुर जिले में रेत माफिया का आतंक है। अफसर इनके आगे बेबस नजर आ रहे हैं। खनिज विभाग ने पिछले 20 दिनों में 45 गाड़ियां पकड़ी हैं। इनमें सबसे ज्यादा 33 गाड़ियां अवैध रेत परिवहन की हैं। माफिया इतने बेखौफ हैं कि वे जांच करने वाले अफसरों पर गोली चलाने और ट्रैक्टर चढ़ाने से भी नहीं चूक रहे हैं। रसूखदारों के संरक्षण के आगे प्रशासन की कार्रवाई सिर्फ दिखावा साबित हो रही है।

कोटा और रतनपुर में पांच गाड़ियां पकड़ी गईं

खनिज विभाग की टीम ने शनिवार को अपनी पांचवीं बड़ी कार्रवाई की। कोटा और रतनपुर इलाके में अवैध रेत ले जाते पांच वाहन पकड़े गए। कंचनपुर में एक हाइवा और दो ट्रैक्टर ट्रॉली पकड़ी गई। वहीं गतोरी और बिल्लीबंद इलाके से एक एक ट्रैक्टर ट्रॉली जब्त की गई। इन सभी वाहनों को रतनपुर कोटा बेलगहना और केंदा पुलिस थानों की निगरानी में रखा गया है।

अफसरों पर हमले कर रहा सिंडीकेट

जिले के रेत घाटों पर एक बड़ा सिंडीकेट हावी है। माफिया को कानून का कोई डर नहीं है। हाल ही में लमेर घाट पर गोली चलने की घटना हुई थी। खैरखंडी में तो माफिया ने हद पार करते हुए नायब तहसीलदार के ऊपर ट्रैक्टर चढ़ाने की कोशिश की थी।

वैध घाटों की आड़ में अवैध खनन

जिले में अमलडीहा उदईबंद सोढ़ाखुर्द और करहीकछार घाट ही वैध हैं। लेकिन माफिया इनकी आड़ लेकर सेंदरी घुटकू लोखंडी मंगला और दो मुहानी जैसे कई घाटों से अरपा नदी का सीना चीर रहे हैं।

मार्च में जब्त हुए 40 वाहन

मार्च महीने में विभाग ने अभियान चलाकर 40 वाहनों पर कार्रवाई की थी। इनमें 5 जेसीबी 15 हाइवा और 20 ट्रैक्टर ट्रॉली शामिल थे। जांच में रेत गिट्टी मुरुम पत्थर और मिट्टी का बिना अनुमति के खनन और परिवहन पकड़ा गया था।

रेत के वाहन पकड़े जाने का ब्यौरा

11 से 13 मार्च 10 वाहन

17 मार्च 2 वाहन

20 मार्च 4 वाहन

23 से 25 मार्च 12 वाहन

3 अप्रैल 5 वाहन

माइनिंग विभाग के डिप्टी डायरेक्टर केके गोलघाटे का कहना है कि अवैध खनन और परिवहन करने वालों पर उनकी टीम लगातार कार्रवाई कर रही है। यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। उनका भी मानना है कि पकड़े गए वाहनों में सबसे ज्यादा तादाद रेत माफिया की गाड़ियों की है।