बिलासपुर। जिले के मस्तूरी थाना क्षेत्र के गतौरा स्थित कंपोजिट शराब दुकान में सोमवार तड़के हथियारबंद नकाबपोश डकैतों ने धावा बोल दिया। करीब 5 से 6 की संख्या में आए इन बदमाशों ने पूरी तैयारी के साथ वारदात को अंजाम दिया। जब वे दुकान का लॉकर तोड़ने में असफल रहे, तो वहां रखी महंगी शराब, सुरक्षा गार्ड का मोबाइल फोन और सबूत मिटाने के लिए सीसीटीवी कैमरे का डीवीआर निकालकर अपने साथ ले गए। इस घटना से इलाके में हड़कंप मच गया है और सुरक्षा व्यवस्था की कलई खुल गई है।

धारदार हथियार से हमला कर गार्ड को किया घायल

घटना सोमवार तड़के करीब 2 बजे की है। शराब दुकान की सुरक्षा के लिए हरकुमार और शैलेन्द्र नाम के दो गार्ड अपनी ड्यूटी पर तैनात थे। रात के अंधेरे में अचानक नकाबपोश बदमाश दुकान के भीतर घुस आए। उन्होंने हथियारों के बल पर दोनों गार्डों को काबू में करने का प्रयास किया। जब सुरक्षा गार्ड हरकुमार ने उनका विरोध किया, तो बदमाशों ने उस पर धारदार हथियार से ताबड़तोड़ वार कर दिया। इससे हरकुमार बुरी तरह घायल होकर गिर पड़ा। उसे बचाने के लिए जब दूसरा गार्ड शैलेन्द्र आगे आया, तो डकैतों ने उसे भी पकड़ लिया। इसके बाद दोनों के हाथ-पैर रस्सी से बांध दिए गए।

नकदी नहीं मिली तो शराब ले भागे

गार्डों को बंधक बनाने के बाद बदमाशों का पूरा ध्यान दुकान के लॉकर पर था। वे अपने साथ कटर लेकर आए थे। उन्होंने काफी देर तक लॉकर को काटने की कोशिश की ताकि नकदी लूटी जा सके। काफी मशक्कत के बाद भी जब लॉकर नहीं टूटा और नकदी हाथ नहीं लगी, तो उन्होंने दुकान में रखी महंगी शराब पार कर दी। डकैतों ने मैजिक मोमेंट, एसी ब्लैक सहित 6 से 7 अलग-अलग ब्रांड की करीब 25 हजार रुपये की शराब समेट ली। भागते वक्त उन्होंने घायल गार्ड का मोबाइल भी छीन लिया। पुलिस को कोई सुराग न मिले, इसलिए वे दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों का डीवीआर भी निकाल ले गए।

9 साल पहले भी हुई थी फायरिंग की घटना

बदमाशों के फरार होने के बाद घायल गार्ड ने किसी तरह खुद को बंधन से मुक्त कराया और आसपास के लोगों को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही मस्तूरी थाना पुलिस, आबकारी विभाग, एसीसीयू और साइबर सेल की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और गार्डों से पूछताछ कर वारदात की जानकारी जुटाई। गौरतलब है कि गतौरा स्थित इसी शराब दुकान को करीब नौ वर्ष पहले भी बदमाशों ने निशाना बनाया था। उस समय लूट की कोशिश के दौरान फायरिंग हुई थी और पुलिस ने आधा दर्जन आरोपियों को गिरफ्तार किया था।

तकनीकी साक्ष्यों पर टिकी पुलिस की जांच

मस्तूरी थाना प्रभारी केसी सिदार ने बताया कि घटना की गंभीरता को देखते हुए कई टीमों को जांच में लगाया गया है और संदिग्धों की तलाश लगातार जारी है। पुलिस अब तकनीकी साक्ष्यों के सहारे आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। दुकान के आसपास लगे अन्य सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। साइबर टीम मोबाइल लोकेशन, टॉवर डंप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का विश्लेषण कर बदमाशों की पहचान में जुटी है। पुलिस का दावा है कि जांच के आधार पर आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की जाएगी, लेकिन इस वारदात ने यह उजागर कर दिया है कि अपराधियों के हौसले लगातार बुलंद हो

रहे हैं।