बिलासपुर : स्कूल में बच्चों के हाथों में किताब-कॉपी और खेल का सामान होना चाहिए, लेकिन तखतपुर विकासखंड के भरारी स्थित तेलियापुरान प्राइमरी स्कूल एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा हैं। वायरल वीडियो में छोटे बच्चे पानी से भरी भारी बाल्टी को टॉयलेट तक पहुंचाने की कोशिश करते नजर आ रहे हैं। बाल्टी का वजन इतना अधिक दिखाई दे रहा है कि बच्चे उसे उठाने के बजाय जमीन पर घसीटकर ले जाने को मजबूर हैं।

takhatpur school

वीडियो सामने आने के बाद शिक्षा विभाग में भी हलचल मच गई है। जिला शिक्षा अधिकारी संदीप पांडेय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संकुल प्राचार्य और संकुल समन्वयक को संयुक्त जांच के निर्देश दिए हैं। विभाग अब यह पता लगाने में जुटा है कि आखिर बच्चों को पानी की बाल्टी उठाने की नौबत क्यों आई और इसके लिए जिम्मेदार कौन है।

बाल्टी उठाने की करते रहे कोशिश... फिर घसीटकर ले गए

school ke baccho se paani ka balti

वायरल वीडियो में तीन बच्चे करीब 15 से 20 लीटर पानी से भरी बाल्टी के पास दिखाई देते हैं। बच्चे बाल्टी को उठाने की कोशिश करते हैं, लेकिन वजन अधिक होने के कारण उसे संभाल नहीं पाते। कुछ देर बाद बाल्टी को जमीन पर घसीटते हुए टॉयलेट की ओर ले जाते दिखाई देते हैं।वीडियो बना रहा व्यक्ति बच्चों से सवाल भी करता सुनाई देता है कि क्या उनसे रोज इसी तरह पानी की बाल्टी उठवाई जाती है। शिक्षक का नाम पूछे जाने पर वीडियो में लकड़ानाम सामने आने की बात कही जा रही है। हालांकि, बच्चों से नियमित रूप से यह काम कराए जाने या उक्त शिक्षक की भूमिका की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

जांच के बाद सामने आएगी वास्तविक जानकारी

डीईओ संदीप पांडेय ने कहा है कि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि बच्चों से पानी की बाल्टी उठवाने के लिए कौन जिम्मेदार है। जांच के बाद ही स्थिति साफ होगी। संकुल स्तर पर होने वाली जांच में स्कूल की परिस्थितियों, वीडियो की वास्तविकता और बच्चों से इस तरह का काम कराए जाने के कारणों की जानकारी जुटाई जाएगी।

पहले भी आ चुका है बच्चों से काम कराने का मामला

बिलासपुर जिले में सरकारी स्कूलों में बच्चों से अपेक्षित नहीं माने जाने वाले काम कराए जाने का मामला पहले भी सामने आ चुका है। मस्तूरी विकासखंड के बिटकुली स्थित प्राइमरी स्कूल में एक बीमार बच्ची द्वारा कुर्सी में उल्टी कर दिए जाने के बाद उसे साफ कराने का मामला सामने आया था। इस मामले में शिक्षा विभाग ने प्रधान पाठक भारती खांडे को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था।

अब तेलियापुरान स्कूल का वीडियो सामने आने के बाद एक बार फिर सरकारी स्कूलों में बच्चों के साथ होने वाले व्यवहार और स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी को लेकर मामला सामने आ रहा हैं। फिलहाल स्कूल प्रबंधन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। जांच रिपोर्ट के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बच्चों से पानी की बाल्टी किसके निर्देश पर उठवाई गई, यह केवल एक दिन की घटना थी या ऐसा पहले भी होता रहा है।