बिलासपुर : शादी से पहले युवक ने बायोडाटा इतना प्रभावशाली बनाया कि युवती और उसके परिवार ने रिश्ता मंजूर कर लिया। दावा था कि युवक ने बीट्स पिलानी से बी टेक करने और जयपुर की बड़ी कंपनी में डेटा एनालिस्ट मैनेजर के पद पर काम करने की जानकारी दी। सालाना वेतन 48 लाख रुपए बताया, परिवार के पास 150 से 200 एकड़ जमीन और पिता के कारोबार का सालाना टर्नओवर 88 लाख रुपए होने की जानकारी भी दी, लेकिन शादी के बाद एक-एक कर इन दावों की हकीकत सामने आई तो पैरों तले जमीन ही खिसक गई।

कोनी थाना क्षेत्र में सामने आए इस मामले में पुलिस ने युवक हर्षदीप राम जाड़ी, उसके पिता लोधन राम जाड़ी और मां राजो जाड़ी के खिलाफ धोखाधड़ी समेत संबंधित धाराओं में अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। युवती मूल रूप से जशपुर की रहने वाली है और वर्ष 2022 से बिलासपुर में रहकर गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय में पीएचडी कर रही है।

सालों बाद स्कूल के साथी से हुई मुलाकात, यहीं से शुरू हुई रिश्ते की कहानी

पुलिस के मुताबिक युवती और हर्षदीप पहले हाईस्कूल में साथ पढ़ते थे। वर्ष 2022 में दोनों की दोबारा मुलाकात हुई। इसके बाद बातचीत और मिलना-जुलना बढ़ा। मई 2024 में हर्षदीप ने युवती के सामने शादी का प्रस्ताव रखा। युवती ने परिवार की सहमति के बाद शादी करने की बात कही। 8 जनवरी 2025 को कोनी स्थित आरजे प्वाइंट कैफे में मुलाकात के दौरान हर्षदीप ने युवती को अपना बायोडाटा दिया। इसी बायोडाटा में उसकी पढ़ाई, नौकरी, वेतन और पारिवारिक संपत्ति को लेकर बड़े-बड़े दावे किए गए थे।

बायोडाटा में दिखाया रुतबा, झांसे में परिवार ने रिश्ता किया मंजूर

शिकायत के अनुसार, हर्षदीप ने बीट्स पिलानी से बी टेक करना बताया। इसके साथ ही जयपुर की एक बड़ी कंपनी में डेटा एनालिस्ट मैनेजर और 48 लाख रुपए सालाना वेतन पाने की जानकारी दी। पिता के कारोबार का सालाना टर्नओवर 88 लाख रुपए और परिवार के पास 150 से 200 एकड़ जमीन होने का भी दावा किया गया। इन जानकारियों पर भरोसा कर युवती ने अपने परिवार को शादी के लिए राजी कर लिया।

शादी से पहले खातों में पहुंचने लगे लाखों रुपए

शिकायत में युवती ने आरोप लगाया है कि शादी से पहले फरवरी और मार्च 2026 में अलग-अलग जरूरतें बताकर हर्षदीप और उसकी मां राजो जाड़ी के खातों में कुल 4.96 लाख रुपए ट्रांसफर कराए गए। इसके अलावा हर्षदीप ने अपने खाते में 60 हजार रुपए लिए। 12 मार्च 2026 को बिलासपुर के होटल पेट्रीशियन में दोनों की शादी हुई। शादी का खर्च हर्षदीप के पिता लोधन राम द्वारा उठाने की बात कही गई थी।

शादी की रात ही दूल्हे के इंतजामों की खुलने लगी पोल

शादी की रात टेंट और कैटरिंग का काम शुरू नहीं हुआ तो परिवार को कुछ गड़बड़ नजर आई। पूछताछ करने पर टेंट और कैटरिंग संचालकों ने बताया कि उन्हें केवल 10-10 हजार रुपए एडवांस दिए गए हैं। इसके बाद युवती के पिता ने कैटरर को 90 हजार और मामा ने टेंट संचालक को 90 हजार रुपए का भुगतान किया।

होटल संचालक ने रोकी कार, तो मोबाइल किये बंद

अगले दिन शादी के बाद होटल से निकलते समय भुगतान नहीं होने पर होटल संचालक ने हर्षदीप की कार रोक ली। इसी दौरान हर्षदीप और उसके पिता के मोबाइल फोन बंद हो गए। घटना के बाद युवती को शक हुआ और उसने हर्षदीप से उसके बायोडाटा में लिखी जानकारी के बारे में पूछताछ की। शिकायत के अनुसार, इसी पूछताछ में हर्षदीप ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि उसने बीट्स पिलानी से पढ़ाई नहीं की है और उसके पास कोई नौकरी भी नहीं है।

48 लाख की नौकरी नहीं, इमू तेल का हैं कारोबार

पुलिस को दी गई शिकायत में युवती ने आरोप लगाया है कि हर्षदीप ने बताया कि वह अपने पिता के साथ इमू के तेल का कारोबार करता है। इसके बाद युवती के परिवार ने शादी में मिले जेवर की भी जांच कराई, जांच में जेवर नकली पाए गए। मामला सामने आने के बाद युवती ने पहले जशपुर में शिकायत दर्ज कराई। वहां पुलिस ने शून्य पर रिपोर्ट दर्ज कर केस डायरी बिलासपुर पुलिस को भेजी। अब कोनी पुलिस ने युवक और उसके माता-पिता के खिलाफ अपराध दर्ज कर पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।

पुलिस शादी से पहले दिए गए बायोडाटा में दर्ज शैक्षणिक योग्यता, नौकरी, वेतन, जमीन और कारोबार से जुड़े दावों के साथ-साथ पैसों के लेनदेन और जेवर की भी जांच कर रही है।