
बिलासपुर। शहर के दयालबंद इलाके में एक विवाहिता की मौत से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। यह मामला एक सीधी-सादी मौत का नहीं, बल्कि एक गहरे सस्पेंस का बन चुका है। सवाल यह उठ रहा है कि क्या यह सच में आत्महत्या है, जैसा कि ससुराल वाले कहानी बता रहे हैं, या फिर मायके वालों के आरोप के मुताबिक यह एक सोची-समझी हत्या है? मामले में एक भाजपा नेता के भाई और भतीजे का नाम आने से पुलिस भी बारीकी से जांच कर रही है। सबसे ज्यादा दुःखद बात यह है कि मृतका अपने पीछे डेढ़ साल की एक मासूम बच्ची छोड़ गई है।
शादी, प्रताड़ना और फिर अचानक मौत की खबर
यह पूरी घटना उत्तरप्रदेश के सोनभद्र जिले (मधुपुर) से शुरू होती है। वहां की रहने वाली अदिति मौर्या की शादी फरवरी 2019 में बिलासपुर के रविकांत मौर्य से हुई थी। रविकांत भाजपा नेता बंधु मौर्य का भतीजा है। शादी के बाद से अदिति अपने पति और ससुराल वालों के साथ दयालबंद वाले घर में ही रह रही थी। बाहर से सबकुछ ठीक चलने का दिखावा था, लेकिन मृतका के भाई अखिलेश वर्मा और परिजनों की मानें तो अदिति अंदर ही अंदर घुट रही थी। शादी के कुछ समय बाद से ही उसे शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। अदिति अक्सर फोन पर घरवालों को अपने साथ हो रही मारपीट की जानकारी देती थी।
23 जून को बंद कमरे में आखिर क्या हुआ?
23 जून का वो दिन इस पूरी घटना का सबसे बड़ा सस्पेंस है। मायके वालों का आरोप है कि उस दिन भी अदिति के साथ मारपीट की गई। चिंता में डूबे परिजनों ने जब रविकांत की मां (सास) को फोन किया, तो उधर से बताया गया कि अदिति और रविकांत के बीच कमरे में विवाद हो रहा है। इसके कुछ ही देर बाद अचानक यह खबर आती है कि अदिति का शव मिला है और उसे अस्पताल ले जाया गया है। आखिर उस बंद कमरे में कुछ ही मिनटों के भीतर ऐसा क्या हुआ कि अदिति की जान चली गई? जब तक यूपी से अदिति के परिजन बदहवास हालत में बिलासपुर अस्पताल पहुंचे, उन्हें बताया गया कि अदिति की मौत हो चुकी है।
शरीर के निशानों ने गहरा किया हत्या का शक
इस मामले में सस्पेंस तब और गहरा गया, जब अदिति के शव की तस्वीरें सामने आईं। सोशल मीडिया पर जो तस्वीरें वायरल हो रही हैं, और अस्पताल में मायके वालों ने जो देखा, उसने सबको हैरान कर दिया। अदिति की पीठ, हाथ, पैर, गले और ठुड्डी पर गंभीर चोट के निशान साफ दिखाई दे रहे थे। शरीर के कई हिस्सों पर काले धब्बे और सूजन नजर आ रही थी। परिजनों का सीधा सवाल है कि अगर अदिति ने खुद अपनी जान ली है, तो शरीर पर इतनी बेदर्दी से मारे जाने के निशान कहां से आए?
मायके पक्ष ने पति रविकांत, सास-ससुर, ननद और नंदोई पर हत्या कर मामले को आत्महत्या का रूप देने का गंभीर आरोप लगाया है। घटना की सूचना मिलते ही सिटी कोतवाली पुलिस और एफएसएल (FSL) की टीम मौके पर पहुंची। कमरे का कोना-कोना छाना गया और साक्ष्य जुटाए गए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज कुमार पटेल ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
हत्या या आत्महत्या: इस मौत के अनसुलझे पहलू, जिनका जवाब पुलिस जांच में चाहिए
बंद कमरे में क्या हुआ: 23 जून को जब सास ने बताया कि कमरे में पति-पत्नी के बीच विवाद हो रहा है, तो उसके तुरंत बाद मौत कैसे हो गई? उस बंद कमरे में पति और पत्नी के बीच उन आखिरी पलों में क्या हुआ था?
चोट और काले धब्बे कैसे आए: अगर इसे आत्महत्या बताया जा रहा है, तो मृतका के गले, ठुड्डी, पीठ और हाथ-पैरों पर गंभीर चोट और काले निशान कैसे आए? क्या मौत से पहले उसके साथ बेदर्दी से मारपीट की गई थी?
परिवार वालों ने फोन पर बात क्यों बंद कराई ? परिजनों का आरोप है कि पिछले कुछ दिनों से रविकांत किसी न किसी बहाने से अदिति की बात उसके घरवालों से नहीं करा रहा था। आखिर संपर्क क्यों काटा गया? क्या ससुराल वाले कोई बात छिपाना चाह रहे थे?
डेढ़ साल की मासूम पर भी प्रश्न...जिस वक्त यह घटना हुई, उस वक्त अदिति की डेढ़ साल की बच्ची कहां थी? क्या कमरे के बाहर से किसी ने अदिति के बचाव की आवाजें नहीं सुनीं?
एफएसएल टीम को क्या मिला: क्राइम सीन से एफएसएल टीम को जो सबूत मिले हैं, क्या वो आत्महत्या की ओर इशारा कर रहे हैं या फिर घटनास्थल के साथ छेड़छाड़ कर हत्या को आत्महत्या का रूप दिया गया है?