कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में अब “असम मॉडल” की एंट्री होती दिखाई दे रही है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने साफ संकेत दिए हैं कि उनकी सरकार अवैध घुसपैठ और सीमा सुरक्षा के मुद्दे पर सख्त रुख अपनाने जा रही है। गुवाहाटी में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान सुवेंदु ने कहा कि बंगाल में भी अब वही रणनीति लागू की जाएगी, जिसने असम और त्रिपुरा में भाजपा को मजबूत राजनीतिक आधार दिया। इस बयान ने राज्य की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है।

सुवेंदु अधिकारी ने बांग्लादेश सीमा पर तेजी से फेंसिंग और निगरानी तंत्र मजबूत करने की बात कही। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने तुष्टीकरण की राजनीति के चलते सीमा सुरक्षा को कमजोर किया और BSF को जरूरी जमीन उपलब्ध कराने में देरी की। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि उनकी सरकार ने सीमा पर बाड़ लगाने के लिए जमीन हस्तांतरण की प्रक्रिया शुरू कर दी है और अगले 45 दिनों के भीतर यह जमीन केंद्रीय गृह मंत्रालय को सौंप दी जाएगी।

भाजपा अब बंगाल में सुरक्षा, राष्ट्रवाद और सीमा प्रबंधन को बड़ा चुनावी और प्रशासनिक मुद्दा बनाने की तैयारी में है। सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि अवैध घुसपैठ केवल बंगाल ही नहीं बल्कि देश की आंतरिक सुरक्षा और आर्थिक ढांचे के लिए भी चुनौती है। उन्होंने दावा किया कि असम की तरह बंगाल में भी घुसपैठ रोकने के लिए तकनीकी निगरानी, सीमा चौकसी और प्रशासनिक समन्वय को प्राथमिकता दी जाएगी।

गुवाहाटी में दिए गए अपने संबोधन में सुवेंदु ने पूर्वोदय अभियान का जिक्र करते हुए पूर्वी भारत के भाजपा-शासित राज्यों के बीच बेहतर तालमेल की बात कही। उन्होंने असम और त्रिपुरा को विकास और सुरक्षा मॉडल बताते हुए कहा कि बंगाल भी अब उसी दिशा में आगे बढ़ेगा। इस दौरान उन्होंने हिमंत बिस्वा सरमा को अपना “मार्गदर्शक” और “संकटमोचक” बताते हुए उनकी कार्यशैली की खुलकर तारीफ की।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा अब बंगाल में राष्ट्रीय सुरक्षा और सीमा प्रबंधन को केंद्र में रखकर नई राजनीतिक रणनीति तैयार कर रही है। सुवेंदु अधिकारी के बयान ने यह साफ कर दिया है कि आने वाले समय में बंगाल की राजनीति में अवैध घुसपैठ, BSF फेंसिंग और सीमा सुरक्षा जैसे मुद्दे सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाले हैं। विपक्ष जहां इसे राजनीतिक ध्रुवीकरण की कोशिश बता रहा है, वहीं भाजपा इसे राष्ट्रीय हित और सुरक्षा से जुड़ा बड़ा कदम बता रही है।